कोलकाता 17 मई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार ने वीआईपी संस्कृति पर नकेल कसने का कवायद शुरु कर दी है। ऐसे में लालबाजार पुलिस मुख्यालय ने 10 और वीआईपी लोगों के घरों से सुरक्षा गार्ड हटाने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं। जिसमें कल्याण बनर्जी, अरूप विश्वास, शोभन चटर्जी, राजीव कुमार, संजय बसु, प्रशांत किशोर, कुणाल घोष, मनोज मालवीय, और पीयूष पांडे के नाम शामिल है। अब इन सभी के घरों पर पहले की तरह स्थानीय पुलिस गार्ड तैनात नहीं रहेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला मौजूदा पद और सुरक्षा श्रेणी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यानी जिन लोगों को पहले से ही निर्धारित कैटेगरी की सुरक्षा मिल रही है, उनके लिए अलग से लोकल पुलिस गार्ड की जरूरत नहीं मानी गई। खास तौर पर कल्याण बनर्जी और राजीव कुमार को सांसद होने के नाते तय सुरक्षा व्यवस्था मिलती रहेगी। उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार का नाम पहले भी काफी चर्चा में रहा था, जब उनके समर्थन में ममता बनर्जी धरने पर बैठी थीं। अब उसी राजीव कुमार के घर से सुरक्षा हटाने का फैसला भी चर्चा का विषय बन गया है। राज्य में सरकार बदलने के बाद वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा लगातार जारी है। इससे पहले अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में भी कटौती की जा चुकी है। फिलहाल इस फैसले को प्रशासनिक पुनर्गठन बताया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
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