चेन्नई,17 मई (आरएनएस)। तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्माता के राजन का निधन हो गया है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने चेन्नई के अडयार ब्रिज से नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। उनके इस अचानक और खौफनाक कदम ने उनके परिवार, करीबियों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। मशहूर अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने भी इस खबर पर गहरा दुख और अचंभा जताया है।
दिग्गज फिल्म निर्माता के राजन का रविवार, 17 मई को चेन्नई में निधन हो गया। वो 85 वर्ष के थे और उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने आत्महत्या की है, लेकिन पुलिस ने मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की बारीकी से तफ्तीश कर रही है कि उनके निधन की असल वजह क्या है।
के राजन के निधन पर प्रतिक्रिया देते हुए खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया पर लिखा, बेहद भयानक खबर। फिल्म बिरादरी के हमारे प्यारे सदस्य निर्माता के राजन सर के निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा है। आत्महत्या के कारण उनका इस तरह जाना बेहद दुखद है। वो एक बहुत ही सम्मानित व्यक्ति थे और एक ऐसे इंसान थे, जो हमेशा सच बोलने के लिए जाने जाते थे। ये बहुत परेशान करने वाला है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
सिनेमा से जुड़े कार्यक्रमों में अपने बेबाक भाषणों और विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाने वाले के राजन एक बहुमुखी फिल्म पेशेवर थे, जिन्होंने सिनेमा के कई विभागों में अपना हाथ आजमाया था। उन्होंने साल 1983 में फिल्म ब्रम्माचारिगल को फाइनेंस करके फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद राजन ने डबल्स (2000), अवल पावम (2000) और निनाइकोथा नालियाई (2001) जैसी फिल्मों का निर्माण किया। उन्होंने फिल्म नम्मा ऊरु मरिअम्मा (1991) से अपने निर्देशन की शुरुआत की थी।
के राजन ने कई फिल्मों में अभिनय भी किया था, जिनमें रघुवरन की माइकल राज (1987), अर्जुन-निरोशा की सोंथक्करन (1989), नेपोलियन-रोजा की वीट्टोडा माप्पिल्लई (2001), बॉबी सिम्हा-कीर्ति सुरेश की पाम्बू सत्ताई (2017), अजीत कुमार की थुनीवू (2023) और सेलवराघवन की बकासुरन (2023) जैसी फिल्में शामिल हैं। राजन के परिवार में अब उनका बेटा प्रभुकांत है। निर्माता और इंडस्ट्री एनालिस्ट जी धनंजयन ने भी राजन के निधन पर गहरा शोक जताया है।
००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

