सरगुजा 18 मई (आरएनएस) पुलिस ने एक ऐसी ओमनी कार पकड़ी है जिसमें भरी थीं सैकड़ों मोबाइल फोन की खेप और करीब एक क्विंटल चांदी जैसी धातु की पायल, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और अवैध कारोबार में होने की आशंका ने पूरे मामले को बेहद सनसनीखेज बना दिया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से हाट-बाजारों से चोरी और अवैध तरीके से जुटाए गए मोबाइल दूसरे राज्यों में बेचने का काम करते थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्रे रंग की एक ओमनी कार बनारस रोड से गुजरने वाली है, जिसमें भारी मात्रा में संदिग्ध मोबाइल और अन्य सामान ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना गांधीनगर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान पुलिस की आंखें उस वक्त फटी रह गईं जब प्लास्टिक की बोरियों से 110 नग स्मार्टफोन और 650 नग कीपैड मोबाइल बरामद हुए। दूसरी बोरी में 95 किलो 500 ग्राम वजन की धातु की पायल मिली। वाहन में मौजूद पांचों आरोपियों से जब इस सामान के वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 2283/2026 के तहत धारा 317(2), 317(3) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सेन्तु शेख पिता मंटु शेख उम्र 26 वर्ष निवासी महिशमरा थाना हरिहरपाड़ा जिला मुर्शीदाबाद पश्चिम बंगाल, गफ्फार शेख पिता इकबाल शेख उम्र 28 वर्ष निवासी महिशमरा थाना हरिहरपाड़ा जिला मुर्शीदाबाद, असिम शेख पिता आरिफ शेख उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम प्रदीपडंगा थाना हरिहरपाड़ा जिला मुर्शीदाबाद, इब्राहिम शेख पिता मनिरूल शेख उम्र 30 वर्ष निवासी महिशमरा थाना हरिहरपाड़ा जिला मुर्शीदाबाद और माशदुल शेख पिता मक्कार अली शेख उम्र 37 वर्ष निवासी महिशमरा थाना हरिहरपाड़ा जिला मुर्शीदाबाद पश्चिम बंगाल शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 110 टच स्क्रीन स्मार्टफोन, 650 कीपैड मोबाइल, 95.500 किलो धातु की पायल और ओमनी वाहन क्रमांक WB-58-BP-8233 जब्त किया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि बरामद मोबाइल साइबर फ्रॉड और अन्य असामाजिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा सकते थे। सभी आरोपियों को 18 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक अभिषेक दूबे, आरक्षक राहुल सिंह, रमन मंडल, घनश्याम देवांगन, सत्यम सिंह और सुल्तान अहमद की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में मोबाइल और पायल कहां से लाई गई थी और इसका नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ है। बहरहाल, सरगुजा पुलिस की इस कार्रवाई ने मोबाइल चोरी और साइबर अपराध के संभावित अंतरराज्यीय गिरोह पर बड़ा वार कर दिया है।
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