मामले में 40 गिरफ्तार, सीएम शुभेंदु ने कहा-पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं
कोलकाता 18 मई (आरएनएस)। पार्क सर्कस हिंसा पर बंगाल की भाजपा सरकार सख्त हो गई है और सीएम शुभेंदु ने साफ कहा कि, पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग पर हुई हिंसक झड़पों के बाद कोलकाता पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार किया।
सुरक्षा बलों पर कथित पत्थरबाजी और हमलों के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थें। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सबूतों का इस्तेमाल करके अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पार्क सर्कस में हुए विरोध प्रदर्शन और पुलिस पर हमले की घटना को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आज पार्क सर्कस स्थित डीसीपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार में पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में यह पुलिस पर पहला हमला है और यही आखिरी भी होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी पुलिसकर्मी पर हमला होने पर कानून के तहत जितनी कठोर कार्रवाई संभव होगी, वह गृह मंत्री और पुलिस मंत्री के रूप में उतनी दूर तक जाएंगे। उल्लेखनीय है कि, रविवार दोपहर पार्क सर्कस इलाके में राज्य सरकार की बुलडोजर नीति के विरोध में सैकड़ों लोग प्रदर्शन के लिए जुटे थे। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने के निर्देश देने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, जबकि पुलिस का दावा है कि उन पर अचानक पथराव किया गया और केंद्रीय बलों के वाहनों में तोडफ़ोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। आज मुख्यमंत्री ने घायल पुलिसकर्मियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों से मुलाकात की तथा उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि बलों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए किसी बड़े हादसे को होने से रोका और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक या मजहबी संगठन को कानून के दायरे में रहकर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति है, लेकिन मजहबी नारेबाजी, हिंसा और पुलिस पर पथराव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर और श्रीनगर में पुलिस पर पत्थर फेंकने की घटनाएं बंद हो चुकी हैं। जब से नरेंद्र मोदी की सरकार ने धारा 370 हटाया उसके बाद से यह पूरी तरह से बंद है। अब पश्चिम बंगाल और कोलकाता में भी यह बंद होगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत निर्भीक होकर कार्रवाई करने को कहा और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अराजकता, गुंडागर्दी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति उनकी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंसÓ नीति रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पार्क सर्कस पथराव और हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। कानून के मुताबिक आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। बहरहाल पुलिस ने मो. फरहान उद्दीन को भी गिरफ्तार किया है, जिसे जांचकर्ताओं ने भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भीड़ जुटाने का कथित मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिंसा में कथित तौर पर शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी जारी है। जांचकर्ता घटना से जुड़े अतिरिक्त संदिग्धों का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रहे हैं। कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त सत्यजीत बंद्योपाध्याय ने पार्क सर्कस क्रॉसिंग पर हुई हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था का त्वरित प्रवर्तन बताया।

