लखनऊ 18 मई (आरएनएस )। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, व्यापक और गुणवत्तापरक बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार और गुणवत्ता दोनों स्तरों पर उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 16 राजकीय विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 24 हो गई है। इसी प्रकार निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 29 से बढ़कर 53 तक पहुंच चुकी है, जबकि 8 अन्य निजी विश्वविद्यालयों को आशय पत्र जारी करने की प्रक्रिया जारी है।उन्होंने बताया कि वाराणसी में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं के लिए चर्चित एपेक्स वेलफेयर ट्रस्ट अब शिक्षा क्षेत्र में भी निवेश करने जा रहा है। ट्रस्ट द्वारा जनपद मीरजापुर के ग्राम समसपुर, तहसील चुनार में लगभग 50.45 एकड़ भूमि पर सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद मंत्रिपरिषद ने विश्वविद्यालय को आशय पत्र जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 तथा उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली-2021 के प्रावधानों के अनुरूप विस्तृत परीक्षण एवं मूल्यांकन के बाद अनुमोदित किया गया है। यह निर्णय निजी क्षेत्र की भागीदारी को मजबूत करने, युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने तथा क्षेत्रीय संतुलित विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विधिक ढांचे को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2026 के प्रख्यापन का भी निर्णय लिया है। पूर्व में मेट्रो विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा की स्थापना के लिए संशोधन अध्यादेश, 2026 लागू किया गया था, लेकिन उससे संबंधित विधेयक विधानमंडल के द्वितीय सत्र में पारित नहीं हो सका। ऐसे में विधिक निरंतरता बनाए रखने और प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना प्रक्रिया को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने के लिए द्वितीय संशोधन अध्यादेश लाया जा रहा है।योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को आधुनिक, तकनीकी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा में निवेश, नवाचार, शोध और संस्थागत विकास को लगातार प्रोत्साहित कर रही है, जिससे उत्तर प्रदेश को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित किया जा सके और प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

