लखनऊ 18 मई (आरएनएस )। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने समाज के वंचित एवं विशेष जरूरत वाले वर्गों को मुख्यधारा से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। योगी सरकार की पहल के तहत प्रदेश में संचालित सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रत्येक बैच में दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से आरक्षित की गई हैं।कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रावधानों के अनुरूप एसिड अटैक पीडि़तों को दिव्यांगजन की श्रेणी में शामिल किए जाने के दृष्टिगत उन्हें कौशल प्रशिक्षण में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई एसिड अटैक पीडि़त महिला प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छुक और पात्र है, तो उसका पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
राज्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का सशक्त जरिया भी है। मिशन का उद्देश्य प्रशिक्षण और रोजगार के माध्यम से एसिड अटैक पीडि़त महिलाओं को समाज में समान अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें नई पहचान देना है।मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर प्रदेश के सभी जनपदों की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में गठित होने वाले प्रशिक्षण बैचों में आरक्षित सीटों पर पात्र लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए।इसके साथ ही योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनपदवार एसिड अटैक पीडि़त महिलाओं का विवरण तैयार कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा जा सके।कपिल देव अग्रवाल ने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
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