लखनऊ 18 मई (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश में तीव्र शहरीकरण और बढ़ती जनसंख्या के साथ यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रयागराज लंबे समय से जाम और यातायात अव्यवस्था की चुनौती से जूझ रहा था। विशेषकर माघ मेला, कुंभ मेला और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर भारी भीड़ सामान्य स्थिति बन जाती थी। ऐसे में उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा प्रयागराज में विकसित की गई फ्लाईओवर एवं रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) परियोजनाएं शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित हो रही हैं।प्रयागराज के शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र में आलोपी देवी मंदिर से बघाड़ा चौराहे तक आलोपीबाग फ्लाईओवर के समानांतर दो लेन फ्लाईओवर का निर्माण कराया गया है। यह परियोजना शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक आलोपीबाग क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पहले यहां एकमात्र फ्लाईओवर पर अत्यधिक दबाव के कारण लोगों को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ता था। नए फ्लाईओवर के निर्माण से अब यातायात का भार विभाजित होगा, जिससे आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी राहत मिलेगी।करीब 54.31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह फ्लाईओवर लगभग 780.484 मीटर लंबा और 7.50 मीटर चौड़ा है। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्मित इस परियोजना का कार्य मार्च 2024 में शुरू होकर नवंबर 2024 में पूरा किया गया। निर्माण के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया।कुंभ और माघ मेले जैसे आयोजनों में करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान यह फ्लाईओवर यातायात संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा। साथ ही व्यापारिक क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय इलाकों के बीच संपर्क बेहतर होने से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।इस परियोजना से प्रयागराज के अलावा रीवा, जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी और मिर्जापुर से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर संपर्क और कम यात्रा समय का लाभ मिलेगा। अनुमानित रूप से लगभग 50 लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। यातायात जाम में कमी आने से ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी की भी संभावना है।प्रयागराज में जीटी रोड से एयरपोर्ट रोड तक सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन के निकट विकसित की जा रही रेल उपरिगामी सेतु परियोजना भी शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। शहर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र और फूलपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली यह परियोजना जीटी रोड जंक्शन पर चौफटका से कानपुर की ओर दो लेन फ्लाईओवर तथा चार लेन रेल उपरिगामी सेतु निर्माण से संबंधित है।लगभग 398.28 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई 1583.876 मीटर है। इसका उद्देश्य रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को समाप्त करना तथा शहर के पश्चिमी हिस्से में सुगम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। परियोजना पूर्ण होने के बाद लोगों को रेलवे फाटक बंद होने पर लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इससे एम्बुलेंस, अग्निशमन और सुरक्षा वाहनों की आवाजाही भी अधिक तेज और सुरक्षित होगी।इस परियोजना से लगभग 80 लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। एयरपोर्ट एन्क्लेव, इंडियन ऑयल परिसर, ट्रिपल आईटी, शम्भूनाथ तकनीकी संस्थान, भारतीय तिब्बत पुलिस मुख्यालय, वायुसेना कॉलोनी तथा चित्रकूट, बांदा और मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले मार्गों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।जीटी रोड, सूबेदारगंज मार्केट, प्रीतमनगर, धूमनगंज मार्केट और मुंडेरा मंडी जैसे व्यस्त क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होने से समय और ईंधन की बचत होगी तथा सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सड़क, पुल और फ्लाईओवर निर्माण की परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर आधुनिक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही है। प्रयागराज की ये दोनों परियोजनाएं न केवल यातायात सुधार का माध्यम हैं, बल्कि शहर के आर्थिक, सामाजिक और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देने वाली पहल मानी जा रही हैं।
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