दुर्ग 20 मई (आरएनएस) सड़क हादसा हो, अपराध की सूचना हो या किसी की जान पर बनी हो आफत… अब दुर्ग जिले में मदद के लिए पुलिस की गाड़ियां पहले से कहीं ज्यादा तेजी से दौड़ती नजर आएंगी। दुर्ग पुलिस ने डायल-112 Phase-2 Next Gen परियोजना के तहत 35 अत्याधुनिक Emergency Response Vehicles (ERV) और 4 हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों को मैदान में उतार दिया है। भिलाई के सेक्टर-06 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बड़े कार्यक्रम में गजेंद्र यादव ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और साफ कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में हाईटेक डायल-112 वाहनों का प्रदर्शन किया गया, जिनमें GPS, PTZ कैमरा, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल जैसी आधुनिक तकनीकें लगाई गई हैं। दावा है कि अब घटनास्थल तक पुलिस की पहुंच पहले से कहीं ज्यादा तेज होगी और सड़क हादसों, अपराधों तथा आपात स्थितियों में रिस्पॉन्स टाइम में बड़ा सुधार देखने मिलेगा। मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि Phase-2 परियोजना सिर्फ वाहन बढ़ाने की योजना नहीं, बल्कि पुलिसिंग को तकनीक आधारित और ज्यादा संवेदनशील बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं ललित चंद्राकर ने कहा कि डायल-112 सेवा ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोगों के लिए भरोसे का सबसे मजबूत जरिया बन चुकी है और नए वाहनों के शामिल होने से यह व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी। कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और प्रमुख हाईवे रूट्स पर इन वाहनों की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। विजय अग्रवाल ने कहा कि नई तकनीक से लैस यह फ्लीट पुलिसिंग को स्मार्ट, तेज और प्रभावी बनाएगा। कार्यक्रम में सत्यनारायण राठौर, अभिजीत सिंह, मणिशंकर चन्द्रा, सुखनंदन राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बहरहाल, दुर्ग पुलिस की यह नई हाईटेक तैयारी साफ संकेत दे रही है कि अब जिले में अपराधियों और लापरवाह वाहन चालकों के लिए बच निकलना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।


