वाशिंगटन,20 मई। अमेरिका की संसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध अधिकारों को सीमित करने वाला एक अहम प्रस्ताव पारित कर दिया है। यह प्रस्ताव खास तौर पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए लाया गया है। इसे ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब राष्ट्रपति मनमर्जी से ईरान के खिलाफ युद्ध का ऐलान नहीं कर पाएंगे। वहीं, इस प्रस्ताव ने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर मतभेद को भी उजागर कर दिया है।
प्रस्ताव के पक्ष में 50, जबकि विरोध में 47 वोट पड़े। राष्ट्रपति ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के 4 सांसदों ने भी बगावत करते हुए विपक्षी पार्टी का साथ दिया और प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। जिन 4 रिपब्लिकन नेताओं ने क्रॉस वोटिंग की, उनमें सुसान कोलिंस, लिसा मुर्कोव्स्की, रैंड पॉल और बिल कैसिडी हैं। इससे पहले ये प्रस्ताव 7 बार पारित नहीं हो सका था। अब 8वीं बार सफलता मिली है।
इस प्रस्ताव को डेमोक्रेटिक सांसद टिम केन ने पेश किया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ईरान के अंदर या उसके खिलाफ चल रही लड़ाई से अमेरिकी सेना को हटा लें, जब तक कि युद्ध की घोषणा या सैन्य बल के इस्तेमाल के लिए कोई खास मंजूरी न दी गई हो। हालांकि, ट्रंप के पास इस प्रस्ताव को वीटो करने का विकल्प है। वहीं, रिपब्लिकन बहुमत वाले प्रतिनिधि सभा में इसका विरोध भी हो सकता है।
लुइसियाना के रिपब्लिकन सांसद बिल कैसिडी ने कहा, हालांकि मैं ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के प्रयासों का समर्थन करता हूं, लेकिन व्हाइट हाउस और पेंटागन ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बारे में संसद को अंधेरे में रखा है। जब तक प्रशासन स्पष्टता प्रदान नहीं करता, तब तक किसी भी प्रकार की संसदीय मंजूरी या विस्तार को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि वे ट्रंप प्रशासन की कई प्राथमिकताओं पर अपने रुख पर पुनर्विचार करेंगे।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करने के लिए बेहद बेताब है और मौजूदा संघर्ष बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में वैश्विक तेल कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा, दुनिया में इतना ज्यादा तेल मौजूद है कि कीमतें तेजी से नीचे आएंगी। हम इस युद्ध को बहुत जल्द ही खत्म कर देंगे। ईरान समझौता करने के लिए बेताब है।
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