रामानुजगंज, 20 मई (आरएनएस)। देशव्यापी आह्वान के तहत बुधवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में दवा दुकानों का बंद पूर्ण रूप से सफल रहा। जिले के सभी केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों ने अपनी-अपनी प्रतिष्ठानें बंद रखकर ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रदर्शन किया तथा प्रशासन के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा।
औषधि विक्रेताओं ने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
प्रमुख मांगें
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्न मांगें प्रमुख रूप से शामिल रहीं—
ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाई जाए ताकि मरीज नकली दवाओं से सुरक्षित रह सकें।
ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से हृक्रङ्ग दवाओं की उपलब्धता से युवाओं में बढ़ रहे नशे के खतरे पर रोक लगाई जाए।
त्रस्क्र 817(श्व) एवं त्रस्क्र 220(श्व) जैसी अधिसूचनाओं के दुरुपयोग को रोकते हुए इन्हें वापस लिया जाए।
ऑनलाइन माध्यम से नकली दवाओं की आपूर्ति तथा छोटे केमिस्टों और दवा व्यापारियों को हो रही आर्थिक क्षति पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
औषधि विक्रेताओं ने कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि देशभर के केमिस्ट एवं दवा विक्रेता स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था और औषधि आपूर्ति तंत्र की मजबूत रीढ़ रहे हैं। कोविड महामारी जैसे कठिन समय में भी दवा व्यापारियों ने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अजय गुप्ता, डॉ. विजय सोनी, उल्लास सोनी, हिमांशु गुप्ता, अश्विनी गुप्ता, दिव्यांशु, कृष्णा ठाकुर, गणेश मिस्त्री, इम्तियाज आलम, अफरोज आलम, मिथलेश गुप्ता, रेयाजुदिन आलम एवं आफताब सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बलरामपुर-रामानुजगंज औषधि विक्रेता संघ ने शासन से जनहित में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
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