वॉशिंगटन,22 मई। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे पर आने से पहले एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बयान में कहा है कि अमेरिका भारत को एनर्जी (ऊर्जा) बेचने को तैयार है. उन्होंने साफ करते हुए कहा कि भारत चाहे जितनी ऊर्जा चाहे उतनी हम उसे देने को तैयार हैं. भारत आने से पहले रुबियो का यह बयान काफी मायने रखता है.
जानकारी के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री इसी महीने 23 से 26 मई तक भारत के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे कोलकाता, आगरा, जयपुर और राजधानी दिल्ली की भी यात्रा करेंगे. रुबियो ने यह बयान मियामी में संवाददाताओं से बात करते समय दिया. उन्होंने भारत को एक बेहतरीन सहयोगी और भागीदार भी बताया है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की तारीफ करते हुए, अमेरिकी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने के लिए बहुत जोश दिखाया. स्वीडन और भारत की यात्रा पर निकले रुबियो ने मियामी में कहा कि ठीक है, हम उन्हें उतनी ही एनर्जी बेचना चाहते हैं जितनी वे खरीदेंगे, और जाहिर है, आपने देखा है कि मुझे लगता है कि हम अमेरिकी प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट के ऐतिहासिक लेवल पर हैं.
सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने अलग-अलग इंटरनेशनल चैनलों के जरिए भारत के एनर्जी सिक्योरिटी पोर्टफोलियो को मजबूत करने की वाशिंगटन की इच्छा पर भी जोर दिया, और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से पैदा हुए अंतरराष्ट्रीय एनर्जी दबावों को भी स्वीकार किया है. रुबियो ने कहा कि हम और ज्यादा करना चाहते हैं. हम पहले से ही उनसे और ज्यादा करने के लिए बात कर रहे थे. हम चाहते हैं कि वे उनके पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा बनें. हमें यह भी लगता है कि वेनेज़ुएला के तेल में मौके हैं.
रिपोर्ट के अनुसार मार्को रुबियो ने कहा कि भारत दौरा उनके औऱ अमेरिका दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दौरे के दौरान वे क्वाड सम्मेलन में शामिल होंगे और उनके देशों के मंत्रियों से मिलेंगे. रुबियो ने आगे कहा कि क्वाड देश बहुत अच्छे साथी हैं, एक बहुत अच्छे पार्टनर हैं. हम उनके साथ बहुत अच्छा काम करते हैं और इसलिए यह एक जरूरी दौरा है. मुझे खुशी है कि हम यह कर पाए क्योंकि मुझे लगता है कि हमारे पास बात करने के लिए बहुत कुछ होगा. बता दें, 26 मई को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होने वाली है. इस सम्मेलन की अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे.
अमेरिका के टॉप डिप्लोमैट ने प्लुरिलैटरल आर्किटेक्चर के अंदर दोनों लोकतंत्र के बीच गहरे इंस्टीट्यूशनल कोऑपरेशन पर और जोर दिया. रुबियो ने आगे कहा कि हम वहां क्वाड से भी मिलेंगे, जो जरूरी है. मुझे लगता है कि सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के तौर पर मेरी पहली मीटिंग क्वाड के साथ थी. मुझे खुशी है कि हम अब इंडिया में ऐसा कर पा रहे हैं, और हम इस साल के आखिर में भी एक मीटिंग करने वाले हैं.
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

