दुर्ग 23 मई (आरएनएस) अपराध जांच का तरीका अब पूरी तरह बदलने जा रहा है, क्योंकि पुलिस और फोरेंसिक टीम अब सीधे घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच कर सकेगी। शुक्रवार को दुर्ग के क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला सेक्टर-4 भिलाई में अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन सेवा का शुभारंभ किया गया। माननीय स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव और सांसद विजय बघेल ने हरी झंडी दिखाकर इस हाईटेक वैन को रवाना किया। इस मोबाइल फोरेंसिक वैन के जरिए अब घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन, प्रारंभिक परीक्षण और तकनीकी जांच की जा सकेगी, जिससे अपराध अनुसंधान पहले से कहीं ज्यादा तेज, सटीक और पारदर्शी बनेगा। कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, विधायक देवेंद्र यादव, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, दुर्ग संभाग आयुक्त एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, अपर सत्र न्यायाधीश दीपक खोसले, संयुक्त संचालक अभियोजन वी.एल. राजपूत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि आधुनिक अपराधों की बढ़ती चुनौती के बीच यह मोबाइल फोरेंसिक वैन कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल है। सांसद विजय बघेल ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में वैज्ञानिक साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने जानकारी दी कि वैन अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है और इससे मौके पर ही वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा। वहीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. पंकज ताम्रकार ने कहा कि बदलते अपराधों के दौर में वैज्ञानिक जांच सबसे मजबूत हथियार बन चुकी है। फिलहाल, दुर्ग में शुरू हुई यह हाईटेक फोरेंसिक वैन अब अपराधियों के लिए नई मुसीबत बनने जा रही है, क्योंकि घटनास्थल से उठने वाला हर वैज्ञानिक सबूत अब सीधे सच तक पहुंचाएगा।


