केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने अपने जांच में किया खुलासा
कोलकाता 25 मई (आरएनएस)। बंगाल के पूर्व दमकल मंत्री सुजीत बसु पर प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार को लेकर एक और बड़ा कानूनी शिकंजा कस दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने सुजीत बसु को लेकर अदालत में बेहद चौंकाने वाले दस्तावेज पेश किए हैं। ईडी का दावा है कि दक्षिण दमदम नगर पालिका भर्ती घोटाले के मुख्य सूत्रधार (मास्टर माइंड) सुजीत बसु ही हैं। वर्ष 2009 से 2021 तक सुजीत बसु दक्षिण दमदम नगर पालिका के वाइस चेयरमैन थे और इसी दौरान उन्होंने ‘काउंसिलर कोटाÓ का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा किया।
जांच में सामने आया है कि इस अवैध कोटे के तहत प्रत्येक काउंसिलर को 2 और चेयरमैन इन-काउंसिल के सदस्यों को 5 अयोग्य उम्मीदवारों के नाम नौकरी के लिए सिफारिश करने की छूट थी। इन नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूली जाती थी।
ईडी ने बताया कि इस घोटाले के एक अन्य मुख्य आरोपी अयान शील के घर से जब्त किए गए डिजिटल सबूतों और एक्सेल शीट से सुजीत बसु के कारनामों का खुलासा हुआ है। इस डेटा में 40 उम्मीदवारों के नाम के आगे ‘रिकमेंडिंग अथॉरिटीÓ (सिफारिशकर्ता) के रूप में सीधे सुजीत बसु का नाम लिखा मिला है। जांचकर्ताओं के अनुसार, सुजीत बसु ने अकेले दक्षिण दमदम नगर पालिका में करीब 150 लोगों की अवैध नौकरी की सिफारिश की थी। इतना ही नहीं, सुजीत बसु ने अपने पूर्व ‘एग्जीक्यूटिव असिस्टेंटÓ (जो 2022 तक उनके साथ थे) को दोहरा फायदा पहुंचाया। सुजीत की सिफारिश पर उस अधिकारी की पत्नी को कमरहाटी नगर पालिका में क्लर्क और भाई को दक्षिण दमदम नगर पालिका में चपरासी की अवैध नौकरी मिली। केंद्रीय एजेंसियों को अंदेशा है कि इस कोटे के तहत नौकरी पाने वाले कई लोग सिर्फ कागजों पर ही काम करते थे और दफ्तर जाए बिना हर महीने पूरी सैलरी उठा रहे थे। ईडी अब इन सभी कर्मचारियों के सर्विस बुक की जांच कर रही है और जल्द ही इन्हें पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

