बालाघाट 25 मई (आरएनएस)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 25 मई को नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा जल संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत नगर पालिका के सफाई मित्रों एवं कर्मचारियों के साथ प्रभात फेरी निकाली गई तथा शंकरघाट पहुंचकर माँ वैनगंगा नदी की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान किया गया।
पालिका परिषद बालाघाट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर की जीवनदायिनी एवं आस्था का प्रमुख केंद्र माँ वैनगंगा नदी के संरक्षण का संदेश दिया गया। प्रभात फेरी के बाद प्रात: 7:30 बजे शंकरघाट पहुंचकर नदी घाट एवं बड़े पुल के नीचे सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान नदी किनारे एवं जल में फैले पॉलिथिन, कचरा एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर हटाया गया। उपस्थित लोगों ने माँ वैनगंगा की परिक्रमा कर जल संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
दशहरा के अवसर पर आयोजित इस अभियान में संयुक्त कलेक्टर राहुल नायक, बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी, नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष योगेश बिसेन, सभापति समीर जायसवाल, कमलेश पांचे, उज्जवल आमाडारे, राकेश सेवईवार, गजेन्द्र भारद्वाज, जैनेन्द्र कटरे, धीरज सुराना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आमजन शामिल हुए। इसके अलावा शहरी विकास अभिकरण के अधिकारी बीडी कतरोलिया, सीएमओ सूर्यप्रकाश उके, वाचस्पति त्रिपाठी, गुलाबचंद लटारे, यशवंत राणा, उपयंत्री ज्योति मेश्राम, ममता नगपुरे सहित बड़ी संख्या में नगर पालिका कर्मचारी एवं सफाई मित्र उपस्थित रहे।
नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने कहा कि माँ वैनगंगा केवल आस्था का केंद्र ही नहीं बल्कि हजारों लोगों के लिए शुद्ध पेयजल का प्रमुख स्रोत भी है। उन्होंने कहा कि नदी में पूजन सामग्री, पॉलिथिन एवं अन्य अघुलनशील वस्तुएं फेंकने से जल प्रदूषण बढ़ता है, जो पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सभी मिलकर जल स्रोतों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि गंगा दशहरा के अवसर पर दिनभर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें प्रभात फेरी, स्वच्छता श्रमदान, पौधारोपण, माँ वैनगंगा पूजन, पुष्प एवं चुनरी अर्पण, दीपदान, महाआरती तथा सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, ताकि भविष्य में जल संकट एवं जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से बचा जा सके।

