कांकेर 26 मई (आरएनएस) गांव की पंचायत बैठक से पहले सच सामने आने का डर इतना बड़ा था कि सरपंच ने अपने ही गांव के बुजुर्ग को मौत के घाट उतारने की खौफनाक साजिश रच डाली। कांकेर जिले के डुमरपानी गांव में आठ महीने पहले हुई संदिग्ध मौत का आखिरकार सनसनीखेज खुलासा हो गया, जहां जमीन बिक्री में लाखों रुपए के हेरफेर को छुपाने के लिए शराब में जहर मिलाकर हत्या कर दी गई। मामले में चौकी हल्बा थाना नरहरपुर पुलिस ने गांव के सरपंच समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक मिलन पटेल उम्र 75 वर्ष को 28 जुलाई 2025 को जहर सेवन के बाद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई थी। शुरू से ही मृतक की बेटी जागेश्वरी पटेल ने वतन पटेल पर शक जताया था। पुलिस ने जब वतन पटेल पिता गनसू राम पटेल उम्र 36 वर्ष निवासी डुमरपानी से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरा राज खोल दिया। जांच में सामने आया कि मृतक ने अपनी जमीन 16 लाख 50 हजार रुपए में बेची थी, लेकिन सरपंच कंशराम नेताम पिता स्वर्गीय कृपाराम नेताम उम्र 46 वर्ष, सोना राम सिन्हा पिता रूपनाथ सिन्हा उम्र 40 वर्ष और बिहारी लाल शोरी पिता स्वर्गीय तुलसी राम शोरी उम्र 78 वर्ष ने बिक्री राशि में हेरफेर किया था। गांव में शिकायत और बैठक होने से पहले सच्चाई उजागर होने के डर से सरपंच ने वतन पटेल को 10 हजार रुपए, शराब और जहर देकर मिलन पटेल को मारने की साजिश रची। वतन पटेल ने शराब में जहर मिलाकर मृतक को पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया। बहरहाल, जमीन के पैसों का लालच आखिरकार गांव के सरपंच को ही सलाखों के पीछे ले गया।
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