कोलकाता,26 मई(आरएनएस)। विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में चल रही उथल-पुथल को और गहरा करने वाली एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आई है। पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है और काकोली घोष छह अन्य विधायकों के साथ, मंगलवार को कल्याणी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुईं। यह दृश्य स्पष्ट था कि टीएमसी में अपने साथ हुए व्यवहार पर सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करने के बाद हाल ही में अपने संगठनात्मक पद से इस्तीफा देने वाली घोष दस्तीदार, भाजपा सरकार के आधिकारिक मंच पर ऐसे समय में मौजूद थीं जब पश्चिम बंगाल के राजनीतिक समीकरण तेजी से अस्थिर होते दिख रहे हैं।
बारासात सांसद के अलावा, बैठक में टीएमसी विधायक अनीसुर रहमान बिस्वास (देगंगा), बीना मंडल (स्वरूपनगर), मोहम्मद अब्दुल मतीन (हारोआ) और बसीरहाट क्षेत्र के तीन अन्य विधायक भी शामिल थे। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की करीबी और टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी जिला पदाधिकारी पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद टीएमसी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने काकोली घोष पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आपकी आगे की यात्रा सुगम और सुखद हो। आपको और आपके परिवार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। शायद अब आखिरकार आपसे जुड़े सभी दाग और विवाद हमेशा के लिए मिटा दिए जाएंगे। शुभकामनाएं। आशा है कि यह नया अध्याय उन सभी असफल प्रयासों को पूरा करेगा जो पहले हुए थे।
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नियंत्रित नगर निकायों में अशांति फैल रही है। इसकी वजह से सामूहिक इस्तीफे हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में विभिन्न नगरपालिकाओं के लगभग 100 पार्षदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी में जारी इस उथल-पुथल से भाजपा को उन नगर निकायों में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका मिल रहा है जो पहले टीएमसी के नियंत्रण में थे।
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