रुड़की,26 मई(आरएनएस)। मोहम्मदपुर बुजुर्ग गांव में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद चकबंदी विभाग ने पैमाइश का कार्य शुरू कर दिया। इस बाबत पिछले दिनों ग्राम प्रधान ने नैनीताल हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने एक एक महीने के भीतर टीम को पैमाइश का कार्य पूरा करने के आदेश दिए है। वहीं, चकबंदी का कार्य शुरू करने से पहले अधिकारी व कर्मचारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। लक्सर के मोहम्मदपुर बुजुर्ग गांव में पिछले वर्ष चकबंदी विभाग द्वारा पैमाइश का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन कार्य से गांव के ग्रामीण खुश नहीं थे। उन्होंने दोबारा से चकबंदी प्रक्रिया के तहत पैमाइश करने की मांग की थी। इस पर ग्राम प्रधान महिपाल धीमान ने हाई कोर्ट नैनीताल में प्रार्थना पत्र देकर गांव में दोबारा चकबंदी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। प्रार्थना पत्र पर हाई कोर्ट ने गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं। मंगलवार को चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पिछले वर्ष जब चकबंदी प्रक्रिया शुरू की गई थी तो उस दौरान चकबंदी अधिकारियों ने बड़े किसानों से मिलीभगत कर उनके खेत सही स्थान पर लगा दिए थे। जबकि छोटे किसानों को चकबंदी से कोई खास राहत नहीं मिल पाई थी। उनका कहना था कि इस बार चकबंदी प्रक्रिया ग्रामीणों को भरोसे में लेकर और निष्पक्ष ढंग से की जानी चाहिए। इस दौरान चकबंदी में कुछ ग्रामीणों ने अपनी बात रखने के दौरान हंगामा भी किया। बाद में उन्हें चकबंदी अधिकारियों ने ठीक प्रकार से चकबंदी किए जाने का भरोसा देकर शांत किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान महिपाल सिंह धीमान, चकबंदी विभाग से कानूनगो मोहम्मद अली, श्रीचंद कुमार, अरुण कुमार, चकबंदी लेखपाल राहुल कुमार, हरपाल सिंह, नाथन सिंह, प्रताप सिंह, ओम कुमार, कपिल, धर्मेंद्र, सुरेश, वसंत, राम सिंह ऋषिपाल, नरेश, सतपाल, सुनील, रणबीर, आलम, सुरेश, बृजेश कुमार, मोहकम सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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