तिरुवनंतपुरम 27 may, (Rns) : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से जुड़े ठिकानों पर बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। यह कार्रवाई उनकी बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, ED की टीमें 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं, जिनमें पिनाराई विजयन का आवास भी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की जा रही है।
इससे एक दिन पहले, मंगलवार (26 मई) को केरल हाईकोर्ट ने मामले में अहम फैसला सुनाते हुए ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय को बिना औपचारिक एफआईआर के भी पूछताछ करने और समन जारी करने का अधिकार है।
पूरा मामला 2019 में CMRL पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद सामने आया था। जांच में आरोप लगा कि 2017 से 2019 के बीच CMRL ने एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि यह रकम बिना किसी वास्तविक आईटी या सॉफ्टवेयर सेवा के ‘फर्जी खर्च’ के रूप में दिखाई गई। इसके बाद ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
CMRL के प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कार्था और अन्य अधिकारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ED द्वारा दर्ज ECIR और जारी समन को रद्द करने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि मामले में PMLA के तहत कोई ‘अनुसूचित अपराध’ नहीं बनता और इसकी जांच पहले से ही गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय कर रहा है, इसलिए ED की समानांतर जांच उचित नहीं है। हालांकि, जस्टिस टी.आर. रवि की पीठ ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि SFIO और ED की जांच का दायरा और उद्देश्य अलग-अलग हैं।

