-उद्घाटन के साथ निर्माण एवं गुणवत्ता पर उठे सवाल
मिल्कीपुर-अयोध्या 27 मई (आरएनएस)। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में करीब 10.92 करोड़ रुपये की लागत से बने तरणताल का आखिरकार 19 साल बाद बुधवार को लोकार्पण कर दिया गया। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी क्रीड़ा परिसर में निर्मित इस आधुनिक स्विमिंग पूल का उद्घाटन प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित 400 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट का भी लोकार्पण किया गया।
तरणताल के उद्घाटन के साथ ही निर्माण गुणवत्ता को लेकर विवाद शुरू हो गया है। परिसर में कई स्थानों पर टूटी टाइल्स, चिटकी फर्श और अधूरे निर्माण जैसी खामियां दिखाई दीं। उद्घाटन से पहले मरम्मत कार्य कराया गया, लेकिन इसके बावजूद कई जगह दरारें और खराब निर्माण साफ नजर आया। इसे लेकर विश्वविद्यालय परिसर और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या अधूरे निर्माण का जल्दबाजी में केवल औपचारिक उद्घाटन कर दिया गया। जानकारी के अनुसार तरणताल परियोजना की शुरुआत वर्ष 2007-08 में हुई थी। करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद यह परियोजना लगभग दो दशक तक अधूरी पड़ी रही। सूत्रों के मुताबिक निर्माण एजेंसी को लगभग 90 प्रतिशत भुगतान पहले ही किया जा चुका था, लेकिन कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। लंबे समय तक यह परियोजना फाइलों और अधूरे निर्माण तक सीमित रही। भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2016-17 में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई और अब इसका लोकार्पण किया गया। अधिकारियों का दावा है कि तरणताल छात्रों के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. पी.एस. प्रामाणिक, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने कहा कि यह तरणताल छात्रों की फिटनेस, खेल भावना और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देगा।
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