– नैमिष पुलिस ऑफिसर्स स्टे बना समर्पण और सुविधा का प्रतीक
सीतापुर 27 मई (आरएनएस)। आदि तीर्थ एवं ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य धाम में अब पुलिस विभाग के अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए एक नई सौगात तैयार हो चुकी है। जनपद पुलिस द्वारा निर्मित नैमिष पुलिस ऑफिसर्स स्टे” गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर बुधवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित सादे लेकिन गरिमामय समारोह में पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। नैमिषारण्य केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और पुराणों की जीवंत धरोहर माना जाता है। मान्यता है कि इसी पावन भूमि पर 88 हजार ऋषियों ने तप किया और यहीं से अनेक पुराणों की कथाएं जनमानस तक पहुंचीं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के लिए यह स्थल सदैव विशेष महत्व रखता है। ऐसे में “नैमिष पुलिस ऑफिसर्स स्टे” का निर्माण न केवल एक भवन निर्माण है, बल्कि पुलिस परिवार के लिए सुविधा, सुरक्षा और आध्यात्मिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण प्रयास भी माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने कहा कि इस परियोजना को सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पण और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया गया। उन्होंने निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क और सकारात्मक सोच से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक शिव बालक वर्मा, थानाध्यक्ष नवनीत मिश्रा तथा हेड कांस्टेबल याकूब को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी ने निर्माण कार्य को समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से पूर्ण कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समारोह के दौरान पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि नैमिषारण्य जैसे विश्वविख्यात तीर्थ स्थल पर पुलिस विभाग की यह पहल आने वाले समय में जनपद पुलिस की कार्यशैली और व्यवस्थाओं को नई पहचान देगी। नैमिष पुलिस ऑफिसर्स स्टे” अब केवल एक गेस्ट हाउस नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सांस्कृतिक आस्था के संगम का प्रतीक बनकर उभरा है।
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