दुर्ग 29 मई (आरएनएस) “घर में भरोसे से काम पर रखी गई महिला ने ऐसा खेल खेला कि लाखों के सोने के जेवर गायब हो गए, लेकिन नेवई पुलिस की जांच ने चोरी की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया और तीन आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।” भिलाई के आशीषनगर पश्चिम रिसाली निवासी दुर्गा प्रसाद नागपुरे ने 26 मई 2026 को थाना नेवई में शिकायत दर्ज कराई कि घर की आलमारी में रखे पर्स से सोने का हार, मांगटीका, नथिनी, हाथ के कड़े, मंगलसूत्र और कान के तीन जोड़ी टॉप्स सहित कुल 14.5 तोला वजनी सोने के जेवर गायब हैं। शिकायत पर थाना नेवई में अपराध क्रमांक 337/2026 धारा 305(ए) एवं 331(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस का शक घर में काम करने वाली मालती ध्रुव पर गया, जिसे पूछताछ के लिए बुलाया गया। सख्ती से पूछताछ में मालती ध्रुव पति देवीलाल ध्रुव, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम तरसींवा जिला धमतरी ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 19 अप्रैल 2026 को उसने आलमारी से जेवर चुराए थे और पति देवीलाल ध्रुव उम्र 35 वर्ष तथा जीजा हेमलाल मंडावी उम्र 47 वर्ष के साथ मिलकर चोरी के गहनों को मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखकर लोन लिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने-चांदी के जेवर, 10 हजार रुपये नगद, गिरवी रखे जेवरों की रसीद, घटना में प्रयुक्त एक्टिवा और तीन मोबाइल फोन सहित करीब 12 लाख 22 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया। 28 मई को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। बहरहाल, यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि घर में काम पर रखे जाने वाले लोगों का सत्यापन और सतर्कता दोनों ही बेहद जरूरी हैं।
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