दुर्ग 30 मई (आरएनएस) बंद मकानों और फ्लैटों को निशाना बनाकर लाखों की चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का ऐसा राज खुला है जिसने पुलिस जांच को नई दिशा दे दी है। गिरोह के मुख्य आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन उर्फ आनस खान को पुलिस रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में चोरी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाले विशेष औजारों, वाहन और गिरोह के नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आए हैं। थाना सुपेला क्षेत्र के बहुचर्चित चोरी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान पता चला कि वह और उसके साथी पहले बंद मकानों, फ्लैटों और आवासीय परिसरों की रेकी करते थे, फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी ने बताया कि मुख्य दरवाजों, अलमारियों, लॉकरों और सुरक्षा तालों को तोड़ने के लिए विशेष रूप से तैयार औजारों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी की निशानदेही पर रायपुर स्थित मेकाहारा परिसर की मोटरसाइकिल पार्किंग में खड़ी एक्टिवा क्रमांक CG10 AG 4136 की सीट के नीचे छिपाकर रखे गए कई विशेष औजार बरामद किए गए। जब्त सामान में पाना, पेचकस, कटर, लोहे की रॉड, ताला तोड़ने और लॉकर खोलने के उपकरण शामिल हैं। आरोपी ने खुलासा किया कि कुछ औजार चोरी की घटनाओं को ध्यान में रखकर एक लोहार से विशेष रूप से बनवाए गए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी भोपाल, इंदौर, छिंदवाड़ा, चंडीगढ़ और अन्य शहरों में भी चोरी की कई वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वाले आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लाखों रुपये की संपत्ति बरामद की जा चुकी है, जबकि फरार आरोपियों और अतिरिक्त चोरी के माल की तलाश जारी है। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर दुर्ग पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। फिलहाल, पुलिस की पकड़ में आए औजारों और खुलासों ने साफ कर दिया है कि यह कोई साधारण चोर नहीं, बल्कि पेशेवर नकबजन गिरोह था, जिसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई अभी जारी है।
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