दुर्ग 30 मई (आरएनएस)। भिलाई स्टील प्लांट से करोड़ों रुपये के लौह स्क्रैप की संगठित चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। बीएसपी के लोहे को फ्लू डस्ट की आड़ में बाहर निकालने वाले अंतरराज्यीय अंदाज के इस संगठित गिरोह की परतें लगातार खुल रही हैं। थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने मामले में संलिप्त सांई एसोसिएट के क्रेन ऑपरेटर रविन्द्र साहू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह के निर्देश पर रविन्द्र साहू मैग्नेटिक क्रेन की मदद से बीएसपी के लौह स्क्रैप को फ्लू डस्ट परिवहन करने वाले वाहनों में लोड करता था, जिससे चोरी का माल आसानी से बाहर भेजा जा सके।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 26 मई 2026 को ग्राम अकलोरडीह स्थित ए.के. ट्रेडर्स प्लॉट और स्क्रैप यार्ड में दबिश दी थी। जांच में फ्लू डस्ट से भरे हाईवा और ट्रकों में बड़ी मात्रा में लोहे की प्लेट, बीम कटिंग और अन्य स्क्रैप मिला। मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप, जिसकी कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई, तथा उपयोग में लाए गए वाहन और मशीनरी समेत कुल 3 करोड़ 22 लाख रुपये की संपत्ति जप्त की गई। इससे पहले चिंतानंद साहू, जितेश वर्मा, मिथेन ठाकुर और निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी रविन्द्र साहू, निवासी बस स्टैंड भिलाई-03, ने स्वीकार किया कि वह मुख्य आरोपी संजय सिंह के साथ मिलकर पिछले 4-5 महीनों से बीएसपी के लोहे को फ्लू डस्ट वाहनों में लोड कर चोरी की इस संगठित साजिश का हिस्सा था। थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत धारा 303(2), 317(4), 3(5) और 112 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। बहरहाल, इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि बीएसपी की संपत्ति पर डाका डालने वाले संगठित गिरोहों की अब एक-एक कड़ी कानून के शिकंजे में फंसती जा रही है।

