दुर्ग 1 जून (आरएनएस)। बाहर से बिल्कुल सामान्य दिख रही क्रेटा कार के भीतर ऐसा राज छिपा था जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। तस्करों ने वाहन के चारों दरवाजों को ही गांजा छिपाने का गुप्त अड्डा बना रखा था। दरवाजों के अंदर विशेष चेंबर तैयार कर उनमें गांजा भर दिया गया था और ऊपर से फाइबर शीट चिपका दी गई थी ताकि खुली आंखों से कुछ भी दिखाई न दे। लेकिन दुर्ग पुलिस की सतर्कता और बारीकी से की गई जांच ने इस हाईटेक तस्करी के खेल का पर्दाफाश कर दिया। कार्रवाई में 14.5 किलो गांजा, क्रेटा कार, नगदी और मोबाइल फोन सहित करीब 17.77 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
ऑपरेशन विश्वास के तहत दुर्ग पुलिस को सूचना मिली थी कि उड़ीसा से एक क्रेटा वाहन में गांजा लाकर महासमुंद और रायपुर होते हुए दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में खपाने की तैयारी है। सूचना मिलते ही थाना कुम्हारी और एसीसीयू/क्राइम टीम ने संयुक्त घेराबंदी की। कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे वाहन चेकिंग के दौरान क्रेटा क्रमांक सीजी 04 एचएक्स 6908 को रोका गया। प्रारंभिक जांच में वाहन से गांजे की गंध आने पर पुलिस ने गहन तलाशी शुरू की और दरवाजों में बने गुप्त चेंबरों का खुलासा हुआ।
वाहन में सवार तीरथा ठेला (36 वर्ष), निवासी अचलपुर, जिला नुआपाड़ा (उड़ीसा) और किशन जगत (35 वर्ष), निवासी स्टेशन चौक, कुम्हारी, जिला दुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे उड़ीसा के कंधमाल क्षेत्र से गांजा खरीदकर दुर्ग-भिलाई में बिक्री के लिए ला रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 14.5 किलोग्राम गांजा, क्रेटा वाहन, 22 हजार रुपये नगद और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। गौरतलब है कि तस्कर भले ही अपराध छिपाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हों, लेकिन दुर्ग पुलिस की पैनी नजर उनके हर खेल को बेनकाब करने के लिए लगातार तैयार खड़ी है।


