दुर्ग 1 मई (आरएनएस) नशे के खिलाफ जंग से लेकर साइबर अपराधों पर नजर और महिला सुरक्षा से लेकर आपदा में जान बचाने तक, अब उतई क्षेत्र की महिला कमांडो पुलिस की मजबूत सहयोगी बनकर मैदान में उतरने को तैयार हैं। थाना उतई परिसर में आयोजित महिला कमांडो सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में करीब 120 से 125 महिलाओं को सुरक्षा, जागरूकता और आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित श्रीमती शमशाद बेगम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। नगर पंचायत उतई की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती साहू, जिला सेनानी नगर सेना एवं आपदा मोचन बल के नागेंद्र सिंह, एसडीओपी पाटन अनूप लकड़ा, एसडीओपी धमधा डॉ. चित्रा वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को समाज में अपराध रोकथाम, महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और नशामुक्ति अभियान से जोड़ना था।
प्रशिक्षण के दौरान महिला कमांडो को डायल 112, साइबर ठगी की शिकायत के लिए डायल 1930 तथा नशे के विरुद्ध कार्रवाई से संबंधित हेल्पलाइन की जानकारी दी गई। यातायात विभाग से पहुंचे निरीक्षक युवराज साहू ने हेलमेट के उपयोग, ट्रैफिक नियमों के पालन और शराब पीकर वाहन न चलाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
नगर सेना एवं आपदा मोचन बल की टीम ने महिलाओं को डूबते व्यक्ति को बचाने, गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में बचाव और फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। कार्यक्रम के दौरान महिला कमांडो में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्हें टॉर्च, सिटी, टोपी और डंडा प्रदान कर सुसज्जित किया गया।
महिला कमांडो ने पुलिस को आश्वस्त किया कि वे अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने, नशामुक्त समाज के निर्माण और महिला सशक्तिकरण के हर अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। गौरतलब है कि जब समाज की महिलाएं सुरक्षा की जिम्मेदारी में भागीदार बनती हैं, तब अपराधियों के लिए नहीं बल्कि जागरूकता और विश्वास के लिए नया रास्ता तैयार होता है।


