नई दिल्ली 1 जून (आरएनएस)। तेलंगाना सरकार ने श्रमिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य में श्रमिकों को नकद भुगतान (कैश पेमेंट) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण अनिवार्य कर दिया गया है और गिग वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी के दायरे में लाया गया है।
नए सरकारी आदेश के तहत अब नियोक्ताओं को अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर (एनईएफटी/आरटीजीएस/आइएमपीएस) या बैंक चेक के जरिये ही वेतन देना होगा। इस नीति का उद्देश्य वेतन भुगतान में पारदर्शिता लाना और श्रम निरीक्षकों के लिए एक पुख्ता रिकॉर्ड तैयार करना है।
चार श्रेणियां और तीन जोन में बंटा नया वेतन ढांचा
इस नए नियम के तहत सभी गैर-कृषि, वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिकों को चार कौशल श्रेणियों (अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अत्यधिक कुशल) में बांटा गया है। इसके अलावा, पूरे राज्य को तीन भौगोलिक जोन में विभाजित किया गया है। जोन 1 – नगर निगम, जोन 2 – नगरपालिकाएं, और जोन 3 – ग्रामीण क्षेत्र।
यह नया कानून सोमवार से पूरे राज्य में प्रभावी हो गया है, जो कागजी कार्रवाई को कम करने के साथ-साथ गिग वर्कर्स को भी न्यूनतम वेतन सुरक्षा के दायरे में लाता है।
न्यूनतम मजदूरी में भारी बढ़ोतरी जोन 1 (नगर निगम क्षेत्रों) के लिए
नया मासिक वेतन ढांचा अकुशल : 12,750 रुपये से बढ़कर 16,000 रुपये
अर्ध-कुशल : 13,152 रुपये से बढ़कर 17,000 रुपये
कुशल : 13,772 रुपये से बढ़कर 18,500 रुपये
अत्यधिक कुशल : 14,607 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये
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