जांजगीर-चांपा, 01 जून (आरएनएस)। राज्य पुलिस अकादमी रायपुर से बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक और 2 प्रशिक्षु सूबेदारों को 10 माह के जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ किया गया है। प्रशिक्षु अधिकारियों के आगमन से जिला पुलिस बल को नई ऊर्जा और कार्यक्षमता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें जिला पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था संधारण तथा पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षुओं को अपराध विवेचना, मर्ग जांच, शिकायत और आवेदन जांच की प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं गंभीरता से संपादित करने के निर्देश दिए। साथ ही फरियादियों और आवेदकों के साथ शालीन, सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को जिले के विभिन्न थाना और चौकियों में पदस्थ कर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें कानून-व्यवस्था ड्यूटी के साथ-साथ थाना संचालन की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण में मोहर्रिर कार्य, गश्त एवं पेट्रोलिंग, रात्रि गश्त, सीसीटीएनएस संचालन, संत्री ड्यूटी, मुलजिम पेशी, न्यायालयीन कार्यवाही और बीट पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहेंगे।
जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को जनसंपर्क, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिलेगा, जिससे वे भविष्य में एक सक्षम, संवेदनशील और जनोन्मुखी पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर सकेंगे।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षु अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से जिले की पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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