जगदलपुर 1 जून (आरएनएस) 70 हजार रुपये की उधारी वसूलने के लिए नई बोलेरो को जबरन कब्जे में लेकर महीनों तक इस्तेमाल करना दो लोगों को भारी पड़ गया। बस्तर पुलिस ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिन्होंने कथित तौर पर कर्ज की रकम के बदले प्रार्थी को डरा-धमकाकर उसका नया वाहन अपने कब्जे में रख लिया था और लगातार उसका उपयोग कर रहे थे।
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि करीब चार माह पहले प्रार्थी ने वाहन खरीदने के लिए आरोपी सुमित पांडे से एक लाख रुपये उधार लिए थे। प्रार्थी ने तत्काल 30 हजार रुपये लौटा दिए थे, लेकिन 70 हजार रुपये बाकी थे। इसी रकम की वसूली के नाम पर आरोपी सुमित पांडे और उसके साथी धीरज ठाकुर ने प्रार्थी की नई बोलेरो को जबरन अपने कब्जे में ले लिया और उसका इस्तेमाल करने लगे।
प्रार्थी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार डी. धोत्रे के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी लीलाधर राठौर के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान आरोपियों ने विवेचना में सहयोग नहीं किया। पुलिस के अनुसार वे वाहन के संबंध में जानकारी छिपाते रहे और साक्ष्यों को छुपाने का प्रयास करते रहे। लगातार पूछताछ के बाद वाहन के संबंध में जानकारी सामने आई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय सुमित पांडे, निवासी पनारापारा विजय वार्ड जगदलपुर और 33 वर्षीय धीरज ठाकुर, निवासी पावर हाउस चौक विजय वार्ड क्रमांक-02, जगदलपुर के रूप में हुई है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि बस्तर पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर कार्रवाई कर रही है, जहां उधारी की आड़ में कानून को हाथ में लेकर लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। कानून से ऊपर कोई नहीं, और जबरन कब्जा आखिरकार जेल की सलाखों तक ही पहुंचाता है।


