छतरपुर 1 जून (आरएनएस)। जिले के ओरछा रोड थाना क्षेत्र स्थित रामपुर गांव में सर्पदंश से 25 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बावजूद परिजन शव को लेकर कई जगहों पर झाड़-फूंक कराते रहे। इसके बाद जब परिजन शव लेकर दोबारा छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचे, तो मौत की सूचना समय पर न देने की बात को लेकर मायके और ससुराल पक्ष के बीच विवाद हो गया।
रामपुर निवासी 25 वर्षीय हर्षिनी शिवहरे पत्नी गोकुल प्रसाद शिवहरे शनिवार को अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान उन्हें किसी विषैले जीव या सांप ने काट लिया। सुबह तबीयत बिगडऩे पर महिला ने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद वे उसे तुरंत छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया और हर्षिनी को झांसी रेफर कर दिया। हालांकि, झांसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
झांसी के डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बावजूद परिजनों को उनकी बात पर विश्वास नहीं हुआ। वे शव को लेकर पहले राठ-पनवाड़ी क्षेत्र में झाड़-फूंक कराने के लिए पहुंचे। वहां से कोई संतुष्टि नहीं मिलने पर परिजन शव को लेकर टीकमगढ़ चले गए और वहां भी इसी तरह का तांत्रिक उपचार कराया गया।
जगह-जगह झाड़-फूंक कराने के बाद शाम को परिजन शव को लेकर एक बार फिर छतरपुर जिला अस्पताल आ गए। यहां डॉक्टरों ने दोबारा जांच की और महिला को मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के मायके पक्ष के लोग भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बेटी के सर्पदंश और मौत की सूचना समय पर नहीं दी गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई, जिससे कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।

