नई दिल्ली ,03 जून ,। यदि आप सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। इन योजनाओं में न केवल आकर्षक ब्याज दर मिलती है, बल्कि निवेश की पूरी सुरक्षा की गारंटी भी सरकार देती है। ऐसे में यह निवेशकों के लिए लगभग जीरो-रिस्क निवेश माना जाता है।
पोस्ट ऑफिस की लोकप्रिय योजनाओं में से एक नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (हृस्ष्ट) स्कीम है। यह एकमुश्त निवेश वाली योजना है, जिसमें एक बार पैसा लगाकर पांच वर्षों में अच्छा रिटर्न प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना में निवेश पर चक्रवृद्धि (कंपाउंडिंग) ब्याज का लाभ मिलता है, जिससे मैच्योरिटी पर बड़ा फंड तैयार होता है।
1,000 रुपये से कर सकते हैं शुरुआत
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (हृस्ष्ट) में खाता खुलवाना बेहद आसान है। किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर खाता खोला जा सकता है। योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये का निवेश आवश्यक है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। यानी निवेशक अपनी क्षमता के अनुसार जितनी चाहें राशि निवेश कर सकते हैं।
7.7 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर
वर्तमान में इस योजना पर 7.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। ब्याज की गणना चक्रवृद्धि आधार पर होती है, जिससे निवेश की राशि समय के साथ तेजी से बढ़ती है। हालांकि, ब्याज का लाभ पूरी तरह प्राप्त करने के लिए निवेश को पांच साल की लॉक-इन अवधि तक बनाए रखना आवश्यक है।
बच्चों के नाम पर भी खुल सकता है खाता
हृस्ष्ट योजना में बच्चों के नाम से भी खाता खोला जा सकता है। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों के खाते का संचालन उनके माता-पिता या अभिभावक करते हैं। इसके अलावा, निवेशकों को ऑनलाइन निवेश की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
ऐसे बन सकते हैं ब्याज से करीब 5 लाख रुपये
यदि कोई निवेशक हृस्ष्ट योजना में 11 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश करता है और इसे पांच वर्षों तक बनाए रखता है, तो 7.7 प्रतिशत की ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर उसे लगभग 15,93,937 रुपये प्राप्त होंगे। इसमें करीब 4,93,937 रुपये केवल ब्याज के रूप में मिलेंगे।
समय से पहले खाता बंद कराने पर नुकसान
इस योजना में पांच साल की लॉक-इन अवधि होती है। यदि निवेशक एक वर्ष बाद खाता बंद कराता है, तो उसे केवल मूल निवेश राशि वापस मिलेगी और ब्याज का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए निवेश से पहले लॉक-इन अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
टैक्स बचाने का भी मौका
हृस्ष्ट में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80ष्ट के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। एक वित्तीय वर्ष में निवेशक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर कर छूट का दावा कर सकते हैं। सुरक्षित निवेश, आकर्षक ब्याज और टैक्स बचत जैसे फायदों के कारण पोस्ट ऑफिस की हृस्ष्ट योजना लंबे समय से निवेशकों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है।
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