नई दिल्ली ,03 जून ,। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ता (ष्ठ्र) और महंगाई राहत (ष्ठक्र) में बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार है। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, लेकिन ताजा महंगाई आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार आगामी छमाही में डीए में 3 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो डीए बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा।
हालांकि बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा सितंबर या अक्टूबर में होने की संभावना है। घोषणा में देरी होने की स्थिति में कर्मचारियों को जुलाई से लागू बढ़ोतरी का एरियर भी मिलेगा। सितंबर में घोषणा होने पर तीन माह का और अक्टूबर में घोषणा होने पर चार माह का एरियर मिलने की संभावना है।
महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी उम्मीदें
श्रम ब्यूरो द्वारा जारी अप्रैल 2026 के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (ष्टक्कढ्ढ-ढ्ढङ्ख) के अनुसार सूचकांक बढ़कर 149.9 पर पहुंच गया है। इसी सूचकांक के आधार पर महंगाई भत्ते की गणना की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष के शुरुआती चार महीनों के आंकड़ों को देखते हुए जून 2026 तक डीए की गणना 63 प्रतिशत से ऊपर बनी रह सकती है। चूंकि सरकार आमतौर पर महंगाई भत्ते को पूर्णांक में लागू करती है, इसलिए 63 प्रतिशत डीए की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
वेतन और एरियर पर कितना होगा असर?
यदि डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो न्यूनतम 18,000 रुपये मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी के महंगाई भत्ते में हर महीने लगभग 540 रुपये की वृद्धि होगी। ऐसे कर्मचारियों को सितंबर में घोषणा होने की स्थिति में 1,500 रुपये से अधिक और अक्टूबर में घोषणा होने पर 2,000 रुपये से अधिक का एरियर मिल सकता है। उच्च वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए यह राशि और भी अधिक होगी।
8वें वेतन आयोग के बीच बढ़ा महत्व
डीए बढ़ोतरी की यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से पहले 50 प्रतिशत या उससे अधिक महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित किया जाए।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग अपनी सिफारिशें अगले वर्ष की पहली छमाही तक सरकार को सौंप सकता है। यदि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाती हैं, तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 18 से 20 माह तक का एरियर मिलने की संभावना भी बन सकती है।
ऐसे में जुलाई 2026 का डीए संशोधन न केवल कर्मचारियों की मासिक आय बढ़ाएगा, बल्कि आगामी वेतन आयोग से जुड़ी उम्मीदों को भी नई मजबूती देगा।
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