विकासनगर,04 जून(आरएनएस)। देवस्थल कैमाडा में आयोजित दो दिवसीय जखोली मेले को क्षेत्रवासियों ने बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया। बुधवार दोपहर बाद बाशिक महासू देवता की पालकी कैमाडा पहुंचने पर श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। भक्तों ने रात्रि जागरण कर देव स्तुति की तथा देवदार के घने जंगलों के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने देव आराधना की। गुरुवार सुबह से ही देव दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं, बालिकाओं और पुरुषों ने बड़ी संख्या में मेले में पहुंचकर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लिया। बाबर खत क्षेत्र के बागी, कुणा, बृनाड़, बासतील, कोटी, चौसाल, निनूस, मेनदरथ सहित कई गांवों से श्रद्धालु मेले में पहुंचे। मेले में आने-जाने के लिए टैक्सी यूनियन त्यूणी की ओर से लगातार सेवाएं संचालित की गईं, जिससे ग्रामीणों को काफी सुविधा मिली। सड़क से दो-तीन किलोमीटर दूर स्थित देवदार के जंगल क्षेत्र में रुड़की के एक महासू भक्त के सहयोग से दो दिन के विशाल भंडारे की व्यवस्था भी की गई, जिसमें रात्रि के दौरान लगभग ढाई से तीन हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान बजीर दीवान सिंह राणा, जगमोहन राणा, पुजारी अभी दत्त, स्याणा भुवनेश्वर पंवार, वीरेंद्र सिंह, किशन सिंह राणा, सुनील राणा, धीरज सिंह राणा, अनूप राणा, मातबर राणा, हरपाल, शिशुपाल पंवार, विक्रम पंवार, बलदेव पंवार, अमित, रोशनलाल, बलबीर राणा, शर्मा, सुनील शर्मा, चतर सिंह रावत, कबीर दास, पप्पू, लायक राम वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।
बारिश में भी नहीं टूटा उत्साह: दो दिवसीय जखोली मेले में बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई। लोगों ने पूरे उत्साह के साथ मेला मनाया। दूर दराज से लोग मेले में पहुंचे और जमकर खरीदारी की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने महासू देवता के दर्शन कर उनसे अशीर्वाद मांगा।
लोक संस्कृति की बिखरी छटा: मेले में देर रात तक हारुल गायन, रासो, जैता और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिससे लोक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। बड़ी संख्या में आपपास के दर्जनों गांवों के पुरूष महिलाओं ने पारंपरिक नृत्यों में भाग लिया।
त्यूणी बाजार में दिखी मंदी: मेले के दौरान अधिकांश ग्रामीण सीधे कैमाडा पहुंचे और वापस गांव लौट गए, जिससे त्यूणी बाजार में चहल-पहल और खरीदारी अपेक्षाकृत कम रही। बारिश के दौरान लोगों ने दुकानदारों के टेंट में शरण ली, जिससे छोटे व्यापारियों की बिक्री बढ़ी और अच्छी आमदनी हुई।

