हरिद्वार,04 जून(आरएनएस)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री राम नाम विश्व बैंक समिति ने पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर प्रकृति के संरक्षण में योगदान देना होगा। वक्ताओं ने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई को मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुमित तिवारी ने कहा कि हर वर्ष पांच जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। इस मौके पर समिति के महासचिव विकास गर्ग ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, वायु एवं जल प्रदूषण तथा वनों की कटाई को पर्यावरण के सामने प्रमुख चुनौतियां बताया। पंडित सुमित तिवारी ने कहा कि पृथ्वी का बढ़ता तापमान, पिघलते ग्लेशियर और बदलता मौसम चक्र मानव गतिविधियों का ही परिणाम है। उन्होंने लोगों से पौधारोपण करने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, जल और ऊर्जा संरक्षण अपनाने तथा कचरे के उचित प्रबंधन की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जन्मदिन, त्योहार या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के संवर्धन का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुकेश शर्मा, कुलदीप राय, राजकुमार, संतोष नैनवाल, दक्ष पंवार, बदल गोस्वामी, इशिका धीमान, बाबा केशनाथ, मधुर कुमार, वेदांत चौहान, साहिल शर्मा, शैली और अमिता सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

