जबलपुर 7 जून (आरएनएस)। जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत दर्शनी के सरपंच सुमित राय को सरकारी धन के दुरुपयोग और अपने पिता को वित्तीय लाभ पहुंचाने के आरोप सिद्ध होने के बाद पद से हटा दिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 5 जून को जारी आदेश में उन्हें मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत दुराचार का दोषी मानते हुए बर्खास्त किया गया।
यह कार्रवाई ग्राम दर्शनी निवासी मोहन झारिया की शिकायत के बाद हुई जांच के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में पंचायत के रंगमंच एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के दौरान पंचायत निधि से कुल 50 हजार रुपये का भुगतान सीधे सरपंच के पिता संतोष राय के बैंक खाते में किया गया। अधिकारियों ने इसे हितों के टकराव और वित्तीय नियमों का उल्लंघन माना।
मामले की जांच के लिए जनपद पंचायत मझौली द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच दल ने पंचायत के वित्तीय अभिलेखों, बैंक खातों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पंचायत निधि का भुगतान वास्तविक आपूर्तिकर्ता या ठेकेदार के बजाय सरपंच के पिता को किया गया, जो नियमों के विपरीत है।
सुनवाई के दौरान सुमित राय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि निर्माण कार्य के लिए ईंट खरीदी का भुगतान उनके पिता ने पहले नकद किया था, इसलिए पंचायत से राशि उनके खाते में वापस भेजी गई। हालांकि जांच अधिकारियों ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीधे संबंधित विक्रेता को किया जाना चाहिए था, किसी परिजन को नहीं।
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिला पंचायत प्रशासन ने सरपंच को पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
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