दर्द से कराह रहे मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज, नारेबाजी कर रहे डॉक्टर
प्रयागराज 9 जून (आरएनएस)। डॉक्टरों और वकीलों के बीच तनातनी के चलते स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में चिकित्सा सेवा लगातार दूसरे दिन आज मंगलवार नौ जून को ठप है। आठ जून की दोपहर 11.15 बजे से डॉक्टरों की शुरू हड़ताल के चलते आज स्थितियां और भी बिगड़ गईं। गंभीर मरीजों का प्राथमिक इलाज तक नहीं हो सका।
ट्रामा सेंटर, ओपीडी, पर्चा पंजीकरण काउंटर, जांच और दवा वितरण केंद्र बंद रहे। तड़पते मरीजों को लेकर उनके परिवार के लोग लौट गए। डॉक्टर धरना स्थल पर डटे रह कर नारे लगाते रहे। हालात ज्यादा बिगडऩे न पाएं इसके लिए मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके वर्मा और अन्य चिकित्साधिकारी अस्पताल पहुंचे।
महिला अधिवक्ता जागृति शुक्ला की लखनऊ स्थित एसजीपीजीआइ में आठ जून की भोर में हुई मौत हो गई। मारपीट के आरोपित मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के रेजीडेंट डॉक्टर मोहसिन अली को घर से उठा लिया गया। साथी के पकड़े जाने पर एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर आक्रोशित हो गए। सुबह से ही अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं ठप हैं। ओपीडी के कक्ष नहीं खुले, रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल और उनके दबाव के चलते अस्पताल के कर्मचारी भी सहमे रहे। पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण केंद्र, जांच केंद्र तक बंद रहे।
एसआरएन अस्पताल में प्रत्येक दिन छोटे-बड़े औसत 40 आपरेशन होते हैं। आज मंगलवार को बेहद आकस्मिक स्थिति में ही पहले से भर्ती मरीजों के आपरेशन हो सके। अन्य मरीजों को लौटा दिया गया। उनके पर्चे पर विभिन्न तारीखें लिखी गईं। वार्ड में भर्ती मरीज कराहते रहे, डॉक्टर आपरेशन थियेटर में नहीं पहुंचे। हालांकि सीनियर डॉक्टरों ने पहले से तय आपरेशन किए।
अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बेहद गंभीर मरीज लाए जाते हैं ताकि उनका त्वरित इलाज हो सके। मंगलवार को ऐसे मरीजों को लेकर आ रही एंबुलेंस को लगातार लौटाया जाता रहा। हूटर बजाते एंबुलेंस पहुंचती रही और ट्रामा सेंटर के बाहर तैनात सुरक्षा गार्ड उन्हें वापस करते रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

