राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा
प्रयागराज 9 जून (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में मंगलवार को कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग कौशल विकास तथा उद्योग-आधारित तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय, ट्रांसन्यूरो आईबीएम तथा रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में शिक्षा, कौशल विकास,उद्योग- अकादमिक सहयोग, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित पाठ्यक्रमों के विकास से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम मेधा एवं मशीन लर्निंग विश्व स्तर पर शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त,प्रशासन तथा अनुसंधान के क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन उभरती हुई तकनीकों से जोडऩा समय की आवश्यकता है ।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सक्षम निकायों से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत आगामी शैक्षिक सत्र जुलाई 2026 से इन कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने की योजना है। विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इन पाठ्यक्रमों का लाभ प्राप्त होगा।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह त्रिपक्षीय सहयोग उच्च शिक्षा कौशल विकास एवं उद्योग जगत के मध्य एक सशक्त सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्षता प्राप्त करने के साथ-साथ बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, शिक्षकों एवं दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की तथा प्रस्तावित सहयोग के विभिन्न आयामों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
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