लखनऊ 9 जून (आरएनएस )। थाना मडिय़ांव पुलिस टीम ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नकली करेंसी को असली नोट में बदलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा बरामद की है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय इस संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है।जानकारी के अनुसार, दिनांक 08.06.2026 को थाना मडिय़ांव पुलिस टीम देखभाल क्षेत्र, रोकथाम अपराध एवं वांछित/वारंटी की तलाश में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि घैला पुल के पहले दाहिनी ओर एक खाली मैदान में स्थित टीन शेड के पास तीन व्यक्ति नकली करेंसी के साथ किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर दबिश देकर तीनों व्यक्तियों को पकड़ लिया।पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान आलोक सिंह पुत्र स्व. देवेंद्र सिंह निवासी गम्भीरवन थाना जहानागंज जनपद आजमगढ़ (उम्र 21 वर्ष), सोनू गौंड उर्फ गोलू पुत्र बेचू गौंड निवासी ग्राम रामपुर मुबारक पट्टी बनकट थाना मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ (उम्र 25 वर्ष) तथा बृजेश विश्वकर्मा पुत्र स्व. बालचन्द्र विश्वकर्मा निवासी सारगढ थाना सिधारी जनपद आजमगढ़ (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है।तलाशी के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से 500 रुपये के 1402 नकली नोट (14 गड्डी) तथा 100 रुपये के 6946 नकली नोट (70 गड्डी) बरामद किए गए, जिनकी कुल नकली मुद्रा राशि लगभग 13,95,600 रुपये बताई गई है। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य नकली नोटों को बाजार में असली करेंसी के रूप में बदलकर कमीशन प्राप्त करते थे और इसी अवैध कमाई से अपने शौक पूरे करते थे। अभियुक्तों को उनके अपराध से अवगत कराते हुए धारा 179/180 बीएनएस के तहत गिरफ्तार कर हिरासत में लिया गया तथा थाना मडिय़ांव में मुकदमा संख्या 273/2026 पंजीकृत किया गया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त सोनू गौंड उर्फ गोलू का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसके संबंध में अन्य जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।इस कार्रवाई के तहत बरामद नकली करेंसी में 500 रुपये के 1402 नोट और 100 रुपये के 6946 नोट शामिल हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है।पुलिस उपायुक्त उत्तरी ने इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को 10,000 रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिवानन्द मिश्र, उपनिरीक्षक नितिन कुमार, अखिलेश सिंह, शुभम तिवारी (थाना अलीगंज), पुष्पेन्द्र चौधरी, ज्ञानेन्द्र ज्ञौंड, सत्येन्द्र कुमार सहित कुल 15 पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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