लखनऊ (आरएनएस ), 09 जून, 2026। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इन्वेस्ट यूपी के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतिगत पहलों पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य उद्योग जगत और प्रमुख हितधारकों के बीच संवाद को मजबूत करना, सरकारी पहलों की जानकारी का व्यापक प्रसार सुनिश्चित करना तथा देश की औद्योगिक विकास यात्रा में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यशाला की अध्यक्षता डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव डॉ. जय प्रकाश शिवहरे ने की। इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सहित एसोचैम, फिक्की, पीएचडीसीसीआई, डिक्की, लघु उद्योग भारती, आईआईए और सीआईआई जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।डॉ. जय प्रकाश शिवहरे ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार ‘जन विश्वास सुधारोंÓ के माध्यम से कारोबारी माहौल को सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जन विश्वास अधिनियम के तहत कई पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है, जिससे अनुपालन संबंधी बोझ कम हुआ है और व्यापार सुगमता को बढ़ावा मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भारत सरकार मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से नए अवसरों का विस्तार कर रही है, जिससे निर्यात क्षेत्र को मजबूती मिल रही है।उन्होंने जानकारी दी कि पिछले पाँच वर्षों में भारत ने लगभग 39 देशों के साथ नौ से अधिक मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें 27 यूरोपीय संघ के देश भी शामिल हैं। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे मूल्य संवर्धित और निर्यातोन्मुख उत्पादों के विकास पर अधिक ध्यान दें, जिससे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सककार्यशाला में उद्योग प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने आवेदन प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, जागरूकता अभियानों के विस्तार, व्यापार मेलों में अधिक सहयोग तथा नीतियों की जानकारी के लिए एकीकृत मंच विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही स्टार्टअप्स को कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सहयोग देने और उद्यमियों के लिए बेहतर समर्थन तंत्र विकसित करने की मांग भी रखी गई।इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार नियामकीय सुधारों और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से निवेश माहौल को और मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘निवेश मित्र 3.0Ó के माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही राज्य में विदेशी निवेशकों के लिए विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी के जरिए उत्तर प्रदेश को निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यशाला को औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन और वैश्विक व्यापार अवसरों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण संवाद मंच के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना जताई गई है।
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