लखनऊ, (आरएनएस )09 जून, 2026। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, वैज्ञानिक खेती और किसान हितैषी योजनाओं के प्रभाव से किसानों की आय में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य में मोटे अनाजों सहित विभिन्न फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है।इसी क्रम में जनपद सीतापुर के विकास खण्ड हरगाँव के ग्राम क्योटिकला निवासी प्रगतिशील किसान बलजीत सिंह ने कोदों की उन्नत खेती कर क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। इंटरमीडिएट तक शिक्षित बलजीत सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर पारंपरिक खेती को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित किया।लगभग 1.840 हेक्टेयर भूमि पर कोदों की उन्नत प्रजाति ‘सी0जी0 कोदो-3Ó का वैज्ञानिक विधि से उत्पादन कर उन्होंने क्रॉप कटिंग के आधार पर 22 कुंतल प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय उपज प्राप्त की, जो क्षेत्रीय औसत से कहीं अधिक है। मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खाद, ट्राइकोडर्मा से बीजोपचार तथा उन्नत कृषि तकनीकों के प्रयोग से उनकी फसल उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुईराज्य स्तरीय फसल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बलजीत सिंह ने कोदों उत्पादन श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए उन्हें 75 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं शाल प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सरकारी योजनाओं, कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक खेती को दिया है।इसी प्रकार जनपद कानपुर देहात के विकास खण्ड रसूलाबाद के ग्राम पोवा निवासी प्रगतिशील किसान दिग्विजय सिंह ने मक्का उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। स्नातक तक शिक्षित दिग्विजय सिंह ने लगभग 1.60 हेक्टेयर भूमि पर वैज्ञानिक पद्धति से मक्का, आलू एवं मूंगफली की खेती करते हुए उन्नत तकनीकों को अपनाया।उन्होंने मक्का की उन्नत प्रजाति ‘एन.एम.एच.-920Ó का चयन कर मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैविक खाद एवं आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग किया। इसके परिणामस्वरूप उन्हें 58.40 कुंतल प्रति हेक्टेयर की उच्च उपज प्राप्त हुई।राज्य स्तरीय फसल प्रतियोगिता में मक्का श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दिग्विजय सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए उन्हें 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं शाल प्रदान कर सम्मानित किया गया।प्रदेश सरकार का कहना है कि ‘अन्नदाता से उद्यमीÓ की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीज, मृदा परीक्षण, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है। इन सफलताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है, जिससे पूरे प्रदेश में मोटे अनाज और अन्य फसलों के उत्पादन में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है।
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