आजमगढ़ 09 जून(आर एन एस)अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित संभ्रांत महिलाओं की विचार गोष्ठी एवं उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड परीक्षा वर्ष 2026 के मौलवी एवं आलिम वर्ग के टॉपर छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का भव्य आयोजन मदरसा मदरसतुल बनात, मंगरावा के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में जनपद के मौलवी एवं आलिम वर्ग के 10-10 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।आलिम वर्ग में एशिया बानो ने 73.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अफीफा द्वितीय एवं बुसरा बानो तृतीय स्थान पर रहीं। अन्य सम्मानित छात्र-छात्राओं में मनाल अकदस, सानिया बानो, सलेहा बानो, फिजा मारिया, गुलाम मुस्तफा एवं जीनत बानो शामिल रहे।मौलवी वर्ग में मुंजाह ने 75.50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। हन्ना शाह द्वितीय एवं अरशद जमाल तृतीय स्थान पर रहे। अन्य सम्मानित विद्यार्थियों में तुफैल अहमद, मिस्बाह बानो, मरहबा निशा, अरीबा अंजुम, अबू हुजैफा, उमना जाबिर एवं उम्मे अफीफा शामिल रहे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, मंडल आजमगढ़ विजय प्रताप यादव ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यक समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है तथा प्रस्तावित योजनाओं को भी शीघ्र लागू किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए शिक्षा को समाज की उन्नति का सबसे सशक्त माध्यम बताया।विशिष्ट अतिथि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्रीमती वर्षा अग्रवाल ने मेधावी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए निरंतर परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया,विद्यालय की प्रधानाचार्या तस्लीम फातिमा ने कहा कि प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य निर्मित किया जा सकता है।इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने विशेष रूप से मदरसा मदरसतुल बनात, मंगरावा की शैक्षिक उपलब्धियों और अनुशासित वातावरण की प्रशंसा की। संस्थान लगातार उत्कृष्ट परिणाम देकर क्षेत्र में शिक्षा का नया मानक स्थापित कर रहा है। यहां की छात्राएं न केवल जनपद बल्कि प्रदेश स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।कार्यक्रम के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद मरहूम मौलाना मसूद खान के शैक्षिक योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मौलाना मसूद खान ने शिक्षा के क्षेत्र में जो मजबूत नींव रखी थी, आज वह विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। उनके द्वारा स्थापित मदरसा मदरसतुल बनात, मदरसा कासिमुल उलूम, मौलाना मसूद खान इंटर कॉलेज तथा मौलाना मसूद खान डिग्री कॉलेज आज न केवल जनपद आजमगढ़ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।इन संस्थानों से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं और अपने संस्थानों तथा जनपद का नाम रोशन कर रहे हैं। शिक्षा के प्रति मौलाना मसूद खान की दूरदर्शी सोच और समर्पण का ही परिणाम है कि आज उनके द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थान हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्या तस्लीम फातिमा ने किया। इस अवसर पर मोहम्मद महफूज खान, मोहम्मद अकमल, शफीक अहमद, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद अजमल, मोहम्मद आरिफ सहित जनपद के विभिन्न मदरसों के प्रधानाचार्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।यह संस्करण अखबार, समाचार पोर्टल और प्रेस विज्ञप्ति के लिए अधिक उपयुक्त और प्रभावशाली है, जिसमें मदरसतुल बनात मंगरावा तथा मरहूम मौलाना मसूद खान के शैक्षिक योगदान को विशेष महत्व दिया गया है।
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