बागपत 10 जून (आरएनएस )। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में टेंट व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या ने व्यापारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना के विरोध में बुधवार को समूचे बड़ौत में व्यापारियों ने बाजार बंद रखा और हत्यारोपियों के तत्काल एनकाउंटर की मांग को लेकर गांधी बाजार में धरना प्रदर्शन किया। गमगीन माहौल में पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
मंगलवार को हुई इस दोहरी हत्या की वारदात के बाद बुधवार को व्यापारियों ने अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रखे। पिता-पुत्र के शवों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें शामिल लोगों ने नम आँखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में व्यापारियों के साथ-साथ आम जनमानस की भी भारी भीड़ देखी गई, जो इस जघन्य अपराध के प्रति अपना रोष व्यक्त कर रही थी।
मंगलवार को कुछ बदमाशों ने टेंट व्यापारी सोहनलाल और उनके पुत्र विकास पर गोलियां बरसाईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए एक बदमाश वरुण को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई की। पिटाई के दौरान वरुण की मेरठ ले जाते समय मौत हो गई, जबकि अन्य बदमाश मौके से फरार होने में सफल रहे। इस वारदात ने व्यापारियों के मन में असुरक्षा की भावना को गहरा कर दिया है।
व्यापारी नेताओं योगेश जिंदल, अंकुर जैन, सचिन जैन आदि ने कहा है कि दिनदहाड़े हुई यह वारदात साबित करती है कि व्यापारी समुदाय सुरक्षित नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए सभी व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग उठाई है। सीओ अंशु जैन ने व्यापारियों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है, लेकिन व्यापारियों में अभी भी गहरा असंतोष व्याप्त है। बुधवार को वंदना चौक पर मानव शृंखला बनाकर और जुलूस निकालकर व्यापारियों ने अपना विरोध दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने हत्यारोपियों के एनकाउंटर की मांग को प्रमुखता से उठाया। यह घटना क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
बड़ौत की सबसे व्यस्त जगह दिल्ली बस स्टैंड पर रहने वाले व्यापारी सोहनलाल की घर के बाहर टेंट और कन्फेक्शनरी की दुकान है। मंगलवार को टेंट व्यापारी सोहनलाल अपने बेटे विकास के साथ दुकान में बैठे थे। शाम करीब 5:50 बजे दो बाइकों से पांच-छह बदमाश आए और दुकान में जाकर सोहनलाल को कई गोलियां मार दीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका बेटा विकास बचाव के लिए दुकान से निकला तो उसे भी गोली मार दी।
गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के व्यापारी आए और भागते हुए बदमाशों से हाथापाई की। उनके पिस्टल और तमंचे छीन लिए। इस बीच गोलियां बरसाने वाला वरुण गिर गया और लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, जिसे पुलिस ने छुड़ाया। मेरठ मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दुकान पर मारपीट से शुरू हुई थी रंजिश
26 जून 2016 में हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने शराब ठेका संचालक से रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर सेल्समैन के साथ मारपीट की थी। उस समय वह नमकीन लेने सोहनलाल की कन्फेक्शनरी पर चला गया। नमकीन नहीं देने पर सोहनलाल के बेटे विकास की पिटाई कर दी थी। दोनों मामलों में पुलिस ने वरुण लुहारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसी मारपीट का बदला लेने के लिए 17 जुलाई, 2016 में वरुण अपने भाई एवं साथियों के साथ व्यापारी की हत्या करने पहुंचा था।
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