लखनऊ 10 जून (आरएनएस )कमिश्नरेट लखनऊ की दक्षिणी जोन साइबर सेल ने आम नागरिकों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए विभिन्न जनपदों और राज्यों से 65 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई और उन्होंने लखनऊ पुलिस तथा साइबर सेल की कार्यशैली की सराहना की।पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देश पर नागरिकों के खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन गुमशुदगी से संबंधित मामलों का तकनीकी विश्लेषण कर उन्हें खोजने का कार्य किया जा रहा है।बुधवार को पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार के निर्देशन में साइबर सेल, दक्षिणी जोन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए। इस अभियान में दक्षिणी जोन के सभी थानों पर गठित साइबर हेल्प डेस्क की टीमों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से विभिन्न व्यक्तियों के गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। जांच के दौरान इन मोबाइल फोन की लोकेशन प्रदेश के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी पाई गई। इसके बाद संबंधित थानों और साइबर टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइल फोन को बरामद किया गया।मोबाइल फोन बरामद होने के बाद उनके वास्तविक स्वामियों का सत्यापन कर उन्हें पुलिस उपायुक्त दक्षिणी द्वारा विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन लखनऊ पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता के कारण उन्हें अपना मोबाइल वापस मिल गया।पुलिस के अनुसार बरामद किए गए 65 मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों और तकनीकी मामलों में पुलिस की बढ़ती दक्षता का भी प्रमाण है।कमिश्नरेट पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक दक्षिणी जोन की साइबर सेल द्वारा कुल 119 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 27 लाख रुपये है। इन सभी मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को वापस सौंपा जा चुका है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से खोए अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और ट्रेस करने की सुविधा उपलब्ध है। नागरिक यदि समय रहते अपने मोबाइल फोन की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराते हैं तो उनके मोबाइल बरामद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।दक्षिणी जोन की साइबर सेल द्वारा की गई इस कार्रवाई को तकनीकी पुलिसिंग का एक सफल उदाहरण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इसी प्रकार आधुनिक तकनीक का उपयोग कर नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाता रहेगा तथा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान जारी रहेगा।
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