लखनऊ 10 जून (आरएनएस ) राजधानी के अहिमामऊ क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता और संवेदनशील कार्यशैली के चलते घर से नाराज होकर निकली एक बालिका को सकुशल उसके परिजनों से मिलवा दिया गया। देर रात चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को बालिका लावारिस अवस्था में घूमती हुई मिली थी। पूछताछ और त्वरित कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसके परिवार से संपर्क स्थापित कर बालिका को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया। बालिका के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।पुलिस के अनुसार 9 और 10 जून की मध्यरात्रि लगभग एक बजे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अहिमामऊ चौराहे पर ई-रिक्शा, टेम्पो तथा संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान अहिमामऊ चौराहे के निकट सुल्तानपुर रोड पर एक बालिका अकेले घूमती हुई दिखाई दी। देर रात सुनसान सड़क पर बालिका के अकेले होने पर पुलिस कर्मियों ने तत्काल उसे अपने संरक्षण में लेकर पूछताछ शुरू की।चौकी प्रभारी अहिमामऊ और उनके साथ मौजूद पुलिस टीम ने बालिका से बातचीत कर उसकी स्थिति जानने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान पता चला कि वह अपने परिजनों से किसी बात को लेकर नाराज थी और बिना किसी को बताए घर छोड़कर निकल आई थी। पुलिस ने बालिका को समझाया और उससे प्राप्त जानकारी के आधार पर उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास शुरू किया।बालिका द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके परिवार से दूरभाष के माध्यम से संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलने के बाद बालिका के माता-पिता और भाई तत्काल मौके पर पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने बालिका को सुरक्षित देखकर राहत महसूस की।पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही बालिका और उसके परिजनों से बातचीत कर आपसी मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया। परिवार को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और उनकी भावनाओं को समझने की सलाह दी गई। समझाइश के बाद बालिका को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।बालिका के सुरक्षित मिलने और समय रहते परिवार से मिल जाने पर परिजनों ने पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय पर ध्यान नहीं देती तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। परिजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करती है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाते हैं।इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सतर्क पुलिसिंग और मानवीय दृष्टिकोण से न केवल संभावित घटनाओं को रोका जा सकता है, बल्कि परिवारों को भी संकट की स्थिति से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।
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