कुशीनगर, 11 जून (आरएनएस)। जनपद में भू-राजस्व वादों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा धारा-34 के अंतर्गत लंबित राजस्व वादों के संबंध में संबंधित समस्त तहसीलदारों, तहसीलदार न्यायिक एवं नायब तहसीलदारों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
आरसीसीएमएस पोर्टल के अवलोकन के अनुसार जनपद में यू0 पी0 आर0 सी0 -2006 की धारा-34 के अंतर्गत कुल 1, 23, 316 राजस्व वादों के सापेक्ष 1,18,037 वादों का निस्तारण किया गया है। जबकि 5,279 वाद वर्तमान में लंबित हैं। इनमें से 1,374 वाद निर्धारित समय सीमा के उपरांत लंबित पाए गए हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने गंभीर चिंता एवं रोष व्यक्त किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि भू-राजस्व वादों के समय से निस्तारित न होने के कारण आमजन को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा लंबित मामलों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति न्यायिक एवं प्रशासनिक दृष्टि सेअत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने निर्देशित किया है कि धारा-34 के सभी लंबित वादों का नियमानुसार गुण-दोष के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किए जाए। जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि से अधिक अवधि से लंबित सभी वादों को माह जून के भीतर ही प्रत्येक दशा में निस्तारित किया जाए। साथ ही न्यायालय वार समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दिया है कि निर्देशों के अनुपालन में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के माध्यम से आमजन को शीघ्र न्याय एवं राहत उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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