लखनऊ 11 जून (आरएनएस )। शहर में पालतू कुत्तों के लाइसेंस और रैबीज टीकाकरण संबंधी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में गुरुवार को जोन-3 के अलीगंज क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर पालतू कुत्तों के लाइसेंस की जांच की गई। अभियान के दौरान बिना लाइसेंस कुत्ता पालने वालों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया तथा मौके पर ही लाइसेंस जारी किए गए।नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर पशु कल्याण विभाग की टीम ने सुबह छह बजे से अभियान की शुरुआत की। अभियान में प्रवर्तन दल, डॉग कैचिंग स्क्वाड तथा नगर निगम के विभिन्न कर्मचारी शामिल रहे। टीम ने अलीगंज के विभिन्न इलाकों में घर-घर जाकर पालतू कुत्तों के लाइसेंस और रैबीज टीकाकरण प्रमाणपत्रों की जांच की।जांच के दौरान चार ऐसे मामले सामने आए, जिनमें पालतू कुत्तों के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं बनवाए गए थे। नगर निगम ने संबंधित श्वान मालिकों से कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। जुर्माना जमा करने के बाद मौके पर ही चार नए लाइसेंस भी जारी किए गए। इसके अतिरिक्त एक लेबराडोर कुत्ते को अस्थायी रूप से जब्त किया गया, जिसे निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद उसके स्वामी को वापस सौंप दिया गया। अभियान के दौरान कुल 24 हजार रुपये नगर निगम कोष में जमा हुए।नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कई ऐसे नागरिक भी मिले जिनके पालतू कुत्तों का लाइसेंस और रैबीज टीकाकरण पूरी तरह वैध पाया गया। ऐसे लोगों की सराहना भी की गई, जिन्होंने नियमों का पालन करते हुए समय पर लाइसेंस बनवाया और टीकाकरण कराया।नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में लगभग 10 हजार पालतू कुत्ते पंजीकृत या अपंजीकृत रूप से रह रहे हैं। सार्वजनिक सुरक्षा, स्वच्छता और पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सभी पालतू श्वानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके।अधिकारियों ने बताया कि श्वान लाइसेंस जारी करने के लिए वैध रैबीज टीकाकरण प्रमाणपत्र और श्वान नियंत्रण उपविधि-2003 के पालन संबंधी शपथ पत्र आवश्यक है। इच्छुक नागरिक नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं अथवा लालबाग स्थित पशु कल्याण अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न निजी और सरकारी पशु चिकित्सालयों में भी लाइसेंस बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं बल्कि नागरिकों को रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम केवल वैध एंटी-रैबीज टीकाकरण प्रमाणपत्र देखने के बाद ही लाइसेंस जारी करता है।उन्होंने सभी पालतू श्वान मालिकों से अपील की कि वे समय पर अपने पालतू कुत्तों का रैबीज टीकाकरण कराएं, अनिवार्य रूप से लाइसेंस बनवाएं तथा सार्वजनिक स्थानों पर श्वान को घुमाते समय मजबूत पट्टे (लीश) का उपयोग करें। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार के विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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