रांची 11 जून (आरएनएस)। देश को क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को गति देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित राष्ट्रीय टास्क फोर्स की दो दिवसीय बैठक (11-12 जून) का शुभारंभ झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने होटल रेडिसन ब्लू, रांची में किया।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के सभी 35 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से टीबी के क्षेत्र में कार्यरत मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता एवं नीति-निर्माता शामिल हुए। सम्मेलन में टीबी उन्मूलन की रणनीतियों, चुनौतियों, अनुसंधान एवं नवाचारों पर व्यापक चर्चा की गई। झारखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि पहली बार राज्य को टीबी जैसे महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य विषय पर राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। यह राज्य की मजबूत होती स्वास्थ्य व्यवस्था और बढ़ती संस्थागत क्षमताओं का प्रमाण है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि “टीबी उन्मूलन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनना चाहिए। जब तक समाज का हर वर्ग इसमें सहभागी नहीं बनेगा, तब तक इस बीमारी को जड़ से समाप्त करना संभव नहीं होगा।” उन्होंने राज्य के सभी सांसदों, विधायकों, मेयरों, पार्षदों, मुखियाओं एवं जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लें और इस अभियान का नेतृत्व करें। डॉ. अंसारी ने घोषणा की कि झारखंड सरकार ने वर्ष 2029 तक “टीबी मुक्त झारखंड” का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस दिशा में युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 तथा पीजी सीटों को 50 से बढ़ाकर 200 करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रांची को भविष्य में मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राज्य सरकार रिम्स-2 के निर्माण की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जो एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल होगा। उन्होंने बताया कि अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इलाज की सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक कर दिया गया है, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।.डॉ. अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रढ्ढ) आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी मरीजों को नि:शुल्क जांच, दवा एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उपचार अवधि के दौरान प्रत्येक मरीज को पोषण सहायता के रूप में प्रति माह ?1000 की सहायता दी जा रही है।.टीबी से स्वस्थ हुए मरीजों को “टीबी चैंपियन” के रूप में तैयार कर जागरूकता अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि वे समाज में प्रेरणा का स्रोत बन सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि राज्यव्यापी टीबी मुक्त अभियान के तहत अब तक 1.36 लाख से अधिक लोगों की हैंड एक्स-रे तकनीक के माध्यम से टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
विकसित भारत के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था जरूरी : अजय कुमार सिंह
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक सशक्त बनाना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, प्रशिक्षित मानव संसाधन विकसित करने तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले प्रखंडों, जिलों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश ने बताया कि राज्य में टीबी उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जोखिम वाले समूहों की एक्स-रे आधारित स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि प्रत्येक मरीज की समय पर पहचान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में लगभग 38,500 टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है तथा 455 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य राज्य की सभी पंचायतों को टीबी मुक्त बनाना है। भारत सरकार के केंद्रीय यक्ष्मा प्रभाग की उप महानिदेशक डॉ. शोभिनी राजन ने टीबी संक्रमित मरीजों के परिवारजनों एवं निकट संपर्क में रहने वाले लोगों से टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी का लाभ लेने की अपील की। नेशनल टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. अशोक भारद्वाज ने मेडिकल कॉलेजों से टीबी के क्षेत्र में अधिक से अधिक अनुसंधान एवं नवाचार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पद्मश्री डॉ. दिगम्बर बेहरा एवं पद्मश्री डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय यक्ष्मा प्रभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के डॉ. संजय मट्टू, डॉ. वीना धवन, डॉ. रघुराम राव, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. कमलेश कुमार सहित राज्य एवं केंद्र सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
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