-गठित टीम ने दर्ज किया परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों के बयान
सोहावल-अयोध्या। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सोहावल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मृतका के पिता द्वारा जिलाधिकारी से की गई शिकायत के बाद गठित जांच टीम वृहस्पतिवार को सीएचसी सोहावल पहुंची।यहां मामले से जुड़े सभी पक्षों का बयान दर्ज किया।मिली जानकारी के अनुसार मृतका के पिता अमन कुमार ने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री मुस्कान उम्र लगभग 23 वर्ष को 14 मई की शाम लगभग 9 बजे प्रसव के लिए सीएचसी सोहावल में भर्ती कराया गया था। उनका कहना है कि भर्ती के समय उनकी पुत्री की स्थिति पूरी तरह सामान्य थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स से कहा था कि यदि प्रसव में किसी प्रकार की जटिलता हो तो मरीज को समय रहते जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाय।लेकिन उन्हें आश्वस्त किया गया कि प्रसव सामान्य तरीके से हो जाएगा और किसी प्रकार की चिंता की बात नहीं है।
परिजनों के अनुसार, 15 मई की सुबह प्रसव के दौरान महिला को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मियों ने जब महिला की हालत अत्यधिक खराब हो गई और वह अचेत होने लगी तब उसे जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया।अमन कुमार का कहना है कि जिला अस्पताल पहुंचने पर वहां के चिकित्सकों ने बताया कि मरीज को काफी देर से लाया गया है। इसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए दर्शननगर स्थित ट्रामा सेंटर भेजा गया। इसके बाद किसी निजी चिकित्सालय में मरीज को दिखाने के बाद मेडिकल कालेज के लिये रवाना हुये।रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।वृहस्पतिवार को जांच के लिए पहुंची टीम ने मृतका के परिजनों, उस समय ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक और स्टाफ नर्स का बयान दर्ज किया है। जांच टीम में डिप्टी सीएमओ अयोध्या अजय चौधरी,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी आकांक्षा वर्मा, डीसीपीएम अमित कुमार शामिल रहे। टीम ने अस्पताल के अभिलेखों और प्रसव से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की।डिप्टी सीएमओ ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी जायेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और किसी संभावित लापरवाही है कि नहीं के संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।
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