-स्थानीय पुलिस व वन कर्मियों की मिली भगत से हरे भरे पेड़ों पर चल रहा आरा
मिल्कीपुर अयोध्या। कुमारगंज वन रेंज अंतर्गत हरे भरे प्रतिबंधित प्रजाति आम एवं महुआ के पेड़ो पर स्थानीय वन विभाग एवं पुलिस कर्मियों की मिली भगत से धड़ल्ले से आरा चल रहा है। वन कर्मियों ने लकड़कट्टों के साथ मिलकर बिना परमिट के प्रतिबंधित प्रजा के पेड़ काटे जाने में एक नया तरीका निकाल लिया है। जिसके तहत हरा पेड़ काटने से पूर्व ही जमाने की रसीद काटकर मामले को रफा दफा कर दिया जा रहा है। इसका जीता जागता उदाहरण बघौडा़ गांव स्थित बाबा बघौड़ा नाथ मंदिर के बगल बाग में हरे-भरे आम के पेड़ों को धराशाई कर दिए जाने के बाद देखने को मिला है। जहां क्षेत्रवासी ग्रामीणों ने भारी भरकम फलदार वृक्ष के इस समय कटा दिए जाने पर दातों तले उंगली दबा ली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लकड़ी ठेकेदार राजू सिंह एवं बरकतुल्लाह द्वारा गुरुवार को मंदिर के बगल स्थित एक बड़ी बाग में आम के फलों से लदे दो आम के पेड़ काट दिए गए। स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कुमारगंज वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव सहित डीएफओ अयोध्या से की, और बताया कि क्षेत्रीय बीट प्रभारी वन दरोगा लोकेश शर्मा की भूमिका संदिग्ध है और वह विशालकाय आम का पेड़ धराशाई होने से पहले ही जुर्माना हो जाने का राग अलाप रहे हैं।सबसे मजे की बात हुई है कि इस समय महुआ और आम में जबरदस्त फल लगे हुए हैं लेकिन स्थानीय पुलिस एवं वन कर्मियों को हरे भरे पेड़ों पर आरा चलवाने में जरा सा भी दर्द नहीं हो रहा है और न ही उन्हें विभागीय अधिकारियों का खौफ ही रहा। इस संबंध में वन क्षेत्र अधिकारी प्रमोद श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आप लोग हमें हटवा दीजिए। हम क्या करें मजबूर हैं। हमारे पास स्टाफ नहीं है, जो स्टाफ है, उसी में काम चलाना है। फिलहाल कल ही इस मामले में कैसे काट दिया गया है।
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