कोण्डागांव,12 जून (आरएनएस)। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोण्डागांव के निर्देशानुसार जिला मिशन प्रबंधक की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (आई.एफ.सी.) से संबंधित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन उड़ान महिला कृषक उत्पादक कंपनी, चिखलपुटी (कोण्डागांव) में किया गया। बैठक में कृषि विभाग के उप संचालक, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी, विभिन्न आई.एफ.सी. क्लस्टरों के पी.आर.पी., सीनियर सी.आर.पी., अध्यक्ष, लेखापाल, आई.एफ.सी. एंकर तथा उड़ान महिला कृषक उत्पादक कंपनी चिखलपुटी एवं मांझीनगढ़ महिला कृषक उत्पादक कंपनी विश्रामपुरी के सी.ई.ओ. एवं बी.ओ.डी. सदस्य उपस्थित रहे।बैठक में जिले में चयनित आई.एफ.सी. क्लस्टरों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आय वृद्धि की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिले में आई.एफ.सी. क्लस्टर के अंतर्गत कुल 61 गांवों का चयन किया गया है, जहां प्रत्येक गांव से 50 महिला किसानों को मुर्गी पालन, सब्जी उत्पादन एवं मक्का उत्पादन जैसी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।बैठक में बताया गया कि उड़ान महिला कृषक उत्पादक कंपनी चिखलपुटी के अंतर्गत कोण्डागांव, फरसगांव एवं माकड़ी विकासखंड की चयनित महिला किसान एवं उत्पादक समूह कार्यरत हैं, जबकि मांझीनगढ़ महिला कृषक उत्पादक कंपनी विश्रामपुरी के अंतर्गत बड़ेराजपुर एवं केशकाल विकासखंड की महिला किसान एवं उत्पादक समूह जुड़े हुए हैं।कृषि विभाग के उप संचालक द्वारा महिला किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डी.ए.पी. के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दी गई। साथ ही निर्देशित किया गया कि कृषि संबंधी सभी गतिविधियों में विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित मार्गदर्शन एवं अभिसरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि महिला किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों द्वारा पशुपालन से जुड़ी महिला किसानों को पशुपालन मार्गदर्शिका, टीकाकरण अभियान तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। बैठक में सभी आई.एफ.सी. एंकरों को निर्देशित किया गया कि वे संबंधित महिला कृषक उत्पादक कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर कृषि बीज, खाद, कृषि उपकरण तथा पशुपालन से संबंधित आवश्यक संसाधनों की मांग आधारित कार्ययोजना तैयार करें और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करें।बैठक में चयनित महिलाओं की आजीविका गतिविधियों को गति देने, उनकी आय में वृद्धि करने तथा उन्हें लाखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जिले के सभी महिला संकुल संगठनों के अध्यक्षों को कैडर कार्यों की नियमित समीक्षा करने एवं समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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