मुंबई-भोपाल,13 जून(आरएनएस)।मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इवेंट, एक्जीबिशन और माइस के प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुंबई के सिडको एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित ’10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स (श्वश्व्र) 2026′ में एमपी टूरिज्म को “कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता” (श्व&ष्द्गद्यद्यद्गठ्ठष्द्ग द्बठ्ठ ष्टशठ्ठद्घद्गह्म्द्गठ्ठष्द्ग रूड्डठ्ठड्डद्दद्गद्वद्गठ्ठह्ल) का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार देश के इवेंट, एक्जीबिशन और माइस (रूढ्ढष्टश्व – मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेसिंग एंड एक्जीबिशन) सेक्टर के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक दिलीप कुमार यादव ने टीम के साथ यह पुरस्कार ग्रहण किया।
प्रबंध संचालक यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार पर्यटन विकास निगम की प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अद्वितीय टीम वर्क का परिणाम है। मध्यप्रदेश पर्यटन लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, आतिथ्य सेवाओं और आयोजन क्षमताओं को विश्वस्तरीय बना रहा है। राज्य में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर्स, बेहतरीन कनेक्टिविटी और बेमिसाल मेहमाननवाज़ी के कारण अब देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और संगठन मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं।
महाप्रबंधक इवेंट्स विवेक जूड ने कहा कि पर्यटन निगम को यह राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य में 20 से भी ज्यादा राष्ट्रीय और राज्य महत्व के बड़े सम्मेलनों के सफल प्रबंधन के लिए दिया गया है। निगम ने अपनी टीम के उत्कृष्ट प्रबंधन से रूक्क त्रह्म्श2ह्लद्ध स्ह्वद्वद्वद्बह्ल 2025, रूक्क ञ्जद्गष्द्ध त्रह्म्श2ह्लद्ध स्ह्वद्वद्वद्बह्ल 2025, क्रद्गद्दद्बशठ्ठड्डद्य ्रढ्ढ ढ्ढद्वश्चड्डष्ह्ल स्ह्वद्वद्वद्बह्ल 2025, क्रद्गद्दद्बशठ्ठड्डद्य ढ्ढठ्ठस्रह्वह्यह्लह्म्4 ड्डठ्ठस्र श्वद्वश्चद्यश4द्वद्गठ्ठह्ल स्ह्वद्वद्वद्बह्ल और रूड्डस्रद्ध4ड्ड क्कह्म्ड्डस्रद्गह्यद्ध रूद्बठ्ठद्बठ्ठद्द ष्टशठ्ठष्द्यड्ड1द्ग जैसे बेहद महत्वपूर्ण और हाई-इम्पैक्ट सम्मेलनों का कुशलतापूर्वक संचालन किया है।
यह राष्ट्रीय पुरस्कार न केवल पर्यटन निगम की कुशल प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह ‘अतुल्य भारत का दिल’ मध्यप्रदेश को बिजनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक अग्रणी ग्लोबल हब बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। भविष्य में इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और ज्ञान-आधारित बड़े आयोजनों को और अधिक गति मिलेगी।

